Breaking News
recent

मां बाप के बीच की 28 सालों की कड़वाहट बच्चों ने यूं दूर की, 20 साल पुराने तलाक के मामले को निपटाया

जयपुर। साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेशभर में राजीनामे से तय मुकदमों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। अकेले जयपुर में तलाक के लिए 20 से अधिक युगलों ने फिर साथ रहने का संकल्प लेकर पिछली कड़वी यादों को भुला दिया। वैवाहिक विवाद से जुड़े 4033 मुकदमे शनिवार को सदैव के लिए समाप्त हो गए। शनिवार को प्रदेशभर में 47 हजार 467 मुकदमों में राजीनामा हो गया और 447.27 करोड़ रुपए के अवॉर्ड पारित किए गए। पिछले साल जुलाई में 35 हजार 766 मुकदमे तय हुए और 243.20 करोड़ रुपए थे, जो पिछली साल का बेहतरीन प्रदर्शन था।


राष्ट्रीय लोक अदालत का जयपुर में शनिवार को हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश मनीष भण्डारी ने शुभारम्भ किया। इस मौके पर हाईकोर्ट परिसर में निजी बीमा कंपनी ने दक्षिण कोरिया के एक नागरिक की मौत के पांच साल पुराने मामले में 5 करोड़ 60 लाख रुपए बीमा दावे का चेक सौंपा। जयपुर के पारिवारिक न्यायालय परिसर में न्यायाधीश वी एस सिराधना की मौजूदगी में 20 से अधिक दम्पत्तियों का मिलन कराया गया। 28 साल से अलग रह रहे एक दम्पत्ति का जयपुर के पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश झूमरलाल की समझाइश से मिलन हो गया। इन दोनों के बीच 1998 से तलाक का मुकदमा चल रहा था। उनके बच्चे मां-बाप को खुशी-खुशी साथ लेकर न्यायालय से विदा हुए। राज्य सरकार ने विभिन्न प्रकार के 3100 मुकदमे वापस लेकर मुकदमों में कमी की पहल की। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव अशोक कुमार जैन के अनुसार राज्य प्राधिकरण को हाल ही देशभर में पश्चिम क्षेत्र के राज्यों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अवार्ड मिला था। अब साल की पहली लोक अदालत में ही नया रेकार्ड हासिल किया है।


8252 मामले कोर्ट में दर्ज होने से पहले तय
लोक अदालत में तय हुए प्रकरणों से 8252 ऐसे थे, जो प्री लिटिगेशन स्तर पर ही रजामंदी से निस्तारित हो गए। इनमें सबसे अधिक 5058 मामले बैंकों की वसूली से सम्बन्धित थे। 3028 आपराधिक प्रकरण प्री लिटिगेशन स्तर पर कंपाउंडिंग के प्रावधान के तहत निस्तारित कर दिए गए।


चैक अनादरण के 10324 मामले समाप्त
प्रदेश में चैक अनादरण के 55 हजार से अधिक मामले लगे हुए थे, जिनमें से 10324 का समझाइश से निस्तारण कर दिया गया।


जयपुर में 9163 मामलों में विवाद का अंत
जयपुर महानगर क्षेत्र में लोक अदालत में कुल 48 हजार 500 मुकदमे लगाए गए, जिनमें से 9163 का निस्तारण हो गया। इस दौरान 141 करोड़ रुपए के अवार्ड पारित हुए। इनमें दक्षिण कोरिया के नागरिक की मौत से जुडा मामला भी शामिल है।


जयपुर में वैवाहिक विवाद के 400 प्रकरण तय
जयपुर के तीनों पारिवारिक न्यायालयों में वैवाहिक विवाद के 457 प्रकरण लगे हुए थे, जिनमें से 400 का निस्तारण हो गया। कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश हरविन्दर सिंह ने समझाइश से सर्वाधिक 200 मामलों में पारिवारिक विवाद समाप्त कराए। पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी एस शेखावत ने कहा कि लोक अदालत में साथ जाने को राजी हुए जोडों के चेहरे की मुस्कान से पूरी बार से सफलता का अहसास किया।


80 साल का रामसहाय अब भाइयों से बोल सकेगा
जयपुर के सांगानेर क्षेत्र स्थित अदालत में 80 साल के रामसहाय का उसके भाइयों से सम्पत्ति बंटवारे का विवाद समाप्त हो गया। रामसहाय ने 65 साल की उम्र में सम्पत्ति विवाद में भाइयों के खिलाफ दावा पेश किया, जिसके कारण उसकी अपने पांच भाइयों से बोलचाल बंद थी। शनिवार को विवाद समाप्त होने पर फिर से बोलचाल शुरू हो गई। इसी तरह सांगानेर क्षेत्र के ही अहमद का अपने बेटों से मकान बंटवारे का चार साल पुराना विवाद भी समाप्त हो गया।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.