ऑकलैंड : करीब पांच दशक से क्रिकेट मैदान पर अपना जलवा बिखेर रहे तेज गेंदबाज इवेन चैटफील्ड ने 68 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। बता दें कि आधुनिक क्रिकेट में जहां तेज गेंदबाजों के लिए फिटनेस 35 साल की उम्र के बाद बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, वहीं यह तेज गेंदबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा था।
1975 में खेले पहला टेस्ट
चैटफील्ड ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज 1975 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑकलैंड में टेस्ट खेलकर किया था, लेकिन इससे 7 साल पहले से वह घरेलू क्रिकेट में खेल रहे थे। यानी तकरीबन 5 दशक तक मैदान पर गुजारने के बाद उन्होंने अब अपने करियर को विराम दिया है। इस दौरान चैटफील्ड 43 टेस्ट और 114 वनडे खेले। अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच उन्होंने फरवरी 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था।
1950 में जन्में
एक मीडिया को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन उन्होंने क्रिकेट में अपने लिए कुछ मानक तय कर रखे थे। जब उन्हें लगा कि अब इस पर खरा नहीं उतर सकता तब संन्यास की घोषणा की। चैटफील्ड का जन्म 3 जुलाई 1950 को हुआ था। उन्होंने अपना आखिरी मैच नेइने ओल्ड बॉयज क्लब की ओर से खेला। इस मैच में वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए। चैटफील्ड ने यहीं से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। इसलिए इसी स्थान से संन्यास लेने का निर्णय लिया। फरवरी 1968 में उन्होंने यहीं से क्रिकेट के करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 43 टेस्ट में 123 विकेट हासिल लिए हैं अैर पारी में पांच या इससे अधिक विकेट तीन बार तथा 10 या इससे ज्यादा विकेट एक बार हासिल किया है। 73 रन देकर छह विकेट उनके टेस्ट क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 114 वनडे मैचों में उन्होंने 140 विकेट लिए हैं। उनका गेंदबाजी औसत 25.84 का रहा. वनडे इंटरनेशनल में 34 रन देकर पांच विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।





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