पाली/सिरोही। मारवाड़ में नेताओं और पुलिस अधिकारियों को अपना शिकार बना चुके सुरेश उर्फ भैरिया ठग ने ही पिण्डवाड़ा में चार लोगों को 35 लाख का चूना दिया है। आरोपियों को खुद को पिण्डवाड़ा सीआई बताते हुए चार लोगों पर ऐसा चश्मा चढ़ाया कि उन्होंने अलग-अलग 35 लाख रुपए शातिरों को दे दिए।
पुलिस अधीक्षक जय यादव ने बताया कि पिण्डवाड़ा में चार जनों से 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले के राजफाश को लेकर पिण्डवाड़ा थाना प्रभारी सुमेरसिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक प्रभुराम, हैड कांस्टेबल भवानीसिंह, खीमसिंह, कांस्टेबल वीरेन्द्रसिंह, जीवाराम, लोकेश कुमार, अभयसिंह, मूलाराम, मोहनलाल को शामिल करते हुए टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने अजमेर व उदयपुर में रहकर प्रकरण का अनुसंधान कर घटना का राजफाश करते हुए उदयपुर में रुपयों की डिलेवरी लेने वाले दो कपासन (चित्तौडगढ़़) हाल 100 फीट रोड सौभागपुरा उदयपुर निवासी चेतन माली पुत्र मांगीलाल माली व खजूरिया (गंगापुर) जिला भीलवाड़ा निवासी शिवलाल पुत्र माधुलाल जाट को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुरेश उर्फ भैरिया को अजमेर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद जेल के अन्दर रहते हुए मोबाइल व सिम कैसे प्राप्त की और धोखाधड़ी से प्राप्त राशि किसके मार्फत किस-किस को दी, आदि बिन्दुओं पर जांच की जाएगी।
जेल में रची साजिश
वारदात का मास्टर माइंड रामदेव रोड रजत नगर पाली निवासी सुरेश कुमार उर्फ भैरिया पुत्र भंवरलाल घांची होना सामने आया है। जो वर्तमान में घुंघरा घाटी अजमेर जेल में बंद है। उसने ही जेल से ठगी के नेटवर्क को चलाते हुए साथियों के सहयोग से इन लोगों से 35 लाख रुपए ठग लिए।
बड़े अधिकारियों के नाम करता है ठगी
प्रकरण में मुख्य आरोपी सुरेश उर्फ भैरू शातिर ठग है। यह पुलिस अधिकारियों व नेताओं का नाम लेकर लोगों से रुपए ऐंठ लेता है। ये पूर्वमें पुलिस उप अधीक्षक मांगीलाल बनकर सांचौर क्षेत्र के एक पूर्व सरपंच से करीब 8 लाख रुपए की ठगी कर चुका है। इसके अलावा पूर्व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ समेत प्रशासनिक अधिकारी व थानेदार बनकर कई व्यापारियों को ठगी का शिकार बना चुका है। पुलिस ने बताया कि शातिर ठग भैरिया बीमारी या अन्य बहाना बनाकर एक स्थान पर रुपए प्राप्त करने व पुन: दूसरी जगह पर लौटाने का झूठा आश्वासन देकर धोखाधड़ी करने में माहिर है। ये फर्जी नम्बर से कॉल करके रुपए वसूलने की वारदात करता है।
ये था मामला
गौरतलब है कि पिण्डवाड़ा निवासी जितेन्द्र कुमार पुत्र केवलाराम प्रजापत ने रिपोर्ट दी थी कि 13 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक नम्बर से कॉल आया था। जिसमें खुद को सीआइ सुमेरसिंह बताते हुए कहा कि आईजी साइब का बेटा बीमार है, इसलिए रुपयों की जरूरत है। जिस पर उसने विश्वास करते हुए भाणेज महेन्द्र कुमार से कह कर उदयपुर में चार लाख की व्यवस्था करवा दी।
इसके बाद दुबारा कॉल करके फिर से छह लाख रुपए और ठग लिए। जितेन्द्र के साथ जब 10 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया तो पिण्डवाड़ा के ऐसे ही तीन और पीडि़त भी शिकायत लेकर पहुंचे थे। उनको भी इसी नम्बर से सीआइ सुमेरसिंह के नाम से कॉल करके ठगी की गई थी। इसमें ट्रांसपोर्ट मालिक नितिन कुमार बंसल से 13 लाख रुपए, सुरेन्द्रसिंह से 6 लाख रुपए व सीमेंट क पनी के अधिकारी अजय रंगा से 6 लाख रुपए की ठगी की गई थी।
पाली कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर
आरोपी सुरेश घांची पाली कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। ये पाली, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, जयपुर, जालोर समेत राज्यभर में ठगी की कईवारदात अंजाम दे चुका है। इसके अलावा सिरोही जिले में पूर्व में माउंट के सर्राफा व्यवसायी से भी ठगी कर चुका है। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में 33 प्रकरण दर्ज है।





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