Breaking News
recent

राजस्थान में फिर से शुरू होंगे 3717 स्कूल, मांगी रिपोर्ट

जयपुर/सीकर। नामांकन कम होने पर पिछली सरकार द्वारा बंद की गई स्कूलों को कांग्रेस सरकार ने फिर से खोलने की कवायद शुरू कर दी है। पिछले चरण में आरटीई नियमों के तहत प्रदेश के 3717 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल शुरू होने की संभावना है।

 

दरअसल, जिन स्कूलों में विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट वाउचर दिया जा रहा है, उन स्कूलों की समीक्षा की जा रही है। पिछली सरकार ने न्यून नामांकन वाले 3717 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को एक व 2 किमी दूरी पर समीपस्थ स्कूलों में मर्ज कर दिया था।

 

दूरी से आने वाले बच्चों को वाउचर देने की योजना भी शूरू की थी। इस संबंध में शासन उप सचिव ने प्रांरभिक शिक्षा निदेशक से रिपोर्ट मांगी है। 10 जनवरी तक प्रांरभिक शिक्षा निदेशक के इस मामले में प्रस्ताव भेजने की संभावना है। सरकार लोकसभा चुनाव से पहले कुछ स्कूलों को शुरू करने की तैयारी में है।

 

इस आधार पर समीक्षा कर देने हैं प्रस्ताव
1. भामाशाह व ग्रामीणों के सहयोग से बने स्कूल : प्रदेश में 310 से अधिक ऐसे स्कूल हंै जिनका भवन भामाशाह व ग्रामीणों ने बनाकर दिया था। पिछली सरकार ने ऐसे स्कूलों को भी कम नामांकन का तर्क देकर बंद कर दिया था। सरकार ने इस तरह के विद्यालयों की भी रिपोर्ट मांगी है।

 

2. जनजाति, दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों को भी बंद कर दिया था। इस कारण सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई की उम्मीदों पर भी ब्रेक लग गया। अब राज्य सरकार ऐसे क्षेत्र जहां जंगल, पहाड़ी, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे लाइन, नदी, बरसाती नाले आदि होने के कारण विद्यार्थियों को दूर जाने में परेशानी होती है उन क्षेत्रों के स्कूलों को दुबारा शुरू करने की तैयारी में है।

 

3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 1 किमी दूरी में प्राथमिक व 2 किमी दूरी में उप्रावि. का संचालन होना आवश्यक है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से इस नियम के विपरित मर्ज होने वाली स्कूलों की भी सूची मांगी है।

 

कई हुई जर्जर तो कई दूसरे विभागों के पास
पिछली सरकार के स्कूलों के बंद करने के बाद कई पर ताले लटके हुए है तो कई स्कूलों के भवन दूसरे विभागों को दे दिए। अब स्कूल संचालन के लिए विभाग ने भवन की मरम्मत कराना भी बड़ी चुनौती रहेगी। कई खाली भवनों से गेट सहित अन्य सामान चोरी हो गए।

 

जिन स्कूलों में बच्चों को ट्रांसपोर्ट वाउचर दिया जा रहा है। वहां बच्चों को कोई असुविधा तो नहीं हैं। इस संबंध में समीक्षा की जा रही है। अभी केवल समीक्षा की जा रही है। स्कूल खुलेंगे या नहीं, यह बाद में देखेंगे।
गोविन्द सिंह डोटासरा, शिक्षा राज्यमंत्री



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.