भीलवाड़ा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सिफारिशों के बाद लागू नए वेतनमान से राजकीय महाविद्यालयों के आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य का वेतन चालीस फीसदी तक बढ़ गया है। भीलवाड़ा जिले में कई वरिष्ठों के वेतन दो लाख रुपए से भी ज्यादा हो गई है।
सातवां वेतन आयोग एक जनवरी 2016 से लागू होने के बाद केन्द्र व राजकीय कर्मियों को भी वेतन आयोग का लाभ वर्ष 2017 से मिल रहा है। सातवें वेतन आयोग को लेकर ही यूजीसी ने 26 अक्टूबर 2018 को राजकीय महाविद्यालयों के आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की सिफारिश की र्थी। प्रदेश में राजस्थान सेवा नियम संशोधित वेतनमान को लेकर 25 जनवरी 2019 को लाभार्थियों की सूची जारी हुई।
जिले में आठ महाविद्यालय
भीलवाड़ा जिले में सातवें वेतन आयोग का फायदा माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय, सेमुमा राजकीय कन्या महाविद्यालय, राजकीय विधि कॉलेज के साथ ही शाहपुरा, रायपुर, आसीन्द, बिजौलियां व मांडलगढ़ के राजकीय महाविद्यालयों के आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य को भी मिलेगा। उन्हें मौजूदा वेतन से करीब 40 फीसदी बढ़ी हुई राशि मिलेगी। करीब दस वर्ष बाद वेतन में इतनी बम्पर बढ़ोतरी हुई है।





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