सवाईमाधोपुर. स्वच्छता सर्वेक्षण चार से 30 जनवरी तक चलेगा। ऐसे में शुक्रवार से सर्वे का आगाज शुरू हो जाएगा। यानि 26 दिनों में कौन सा शहर स्वच्छता के मामले में आगे रहेगा व कौन सा शहर पीछे इसका निर्णय हो जाएगा। इस सर्वेक्षण को लेकर तय किए गए तमाम मापदंडों को लेकर कागजी दस्तावेज सहित धरातल पर देखी जाने वाली तमाम चीजों को लेकर समीक्षा होगी।
इधर, इस बार सर्वेक्षण पूरी तरह गोपनीय होगा। सर्वेक्षण टीम कब आएगी और कब सर्वे कर जाएगी, इसकी जानकारी तक गोपनीय रहेगी। फीडिंग के दौरान एकत्रित किए गए शहरवासियों के मोबाइल नम्बर पर कभी भी टी मेम्बर का फोन आ सकता है। इस दौरान अलग-अलग प्रकार के छह सवाल पूछे जा सकते है। इस सवालों का जवाब अंक के रूप में नगरपरिषद के सर्वेक्षण में जोड़े जाएंगे।
इन पर रहेगा ज्यादा फोकस
शहर में दिल्ली से टीम कभी भी निरीक्षण करने पहुंच सकती है, लेकिन शहर में साफ-सफाई, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर व पोस्टर, स्वच्छता एप्प, नागरिकों का फीडबैक में फिर से शहर पीछे रह सकता है। नगरपरिषद ने शहर की सफाई व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
ऐसे तय होगी शहर की स्टार रेटिंग
इस बार नगर विकास विभाग ने कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रैटिंग निर्धारित की है। नगरीय निकायो को 1,2 व 4 स्टार प्रदेश स्तर पर तथा 3,6 व 7 स्टार ओडीएफ वाले शहर को दिए जाएंगे। सवाईमाधोपुर नगरपरिषद गत 29 अक्टूबर को ओडीएफ घोषित हो चुकी है। गत वर्ष की स्वच्छता रैकिंग में सवाईमाधोपुर प्रदेश में 11वें नम्बर पर था।
रेटिंग के लिए यह रहेगी चुनौती
रैटिंग के मानक स्टार रैटिंग के लिए पहली प्राथमिकता कचरा मुक्त सिस्टम होगा। यानि गीला-सूखा कचरा अलग करना, सौ प्रतिशत डोर-टू-डोर संग्रहण के साथ ही कचरे का निस्तारण करना अहम होगा। कॉमर्शियल एरिया में दो बार और आवासीय में एक बार सफाई शामिल है।
रंग-रोगन की अब ले रहे सुध
बाहर से टीम कभी आ सकती है, जबकि नगरपरिषद की ओर से इन दिनों रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया सहित अन्य स्थानों की दीवारों पर रंग-रोगन व स्वच्छता सर्वेक्षण के स्लोगन लिखाए जा रहे है।





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