चूरू. राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत शनिवार को जिले की अदालतों में न्याय शिविर लगाए गए। जिला मुख्यालय स्थित जिला वैकल्पिक विवाद निस्तारण केन्द्र में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश अय्यूब खान व जिला कलक्टर संदेश नायक ने किया। पारिवारिक न्यायालय न्यायाधीश सुरेश चन्द बंसल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सविच राजेश कुमार दडिय़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय राजेश कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट महेश्वरी बरोड़ ने क्रमश पांचों बैंचो की अध्यक्षता की। जिला पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल, एसडीएम श्वेता कोचर आदि मौजूद थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में बारसंघ अध्यक्ष बजरंगलाल शर्मा, रामेश्वरलाल प्रजापति, पवन कुमार शर्मा, रोशनसिंह राठौड़, धीरेन्द्रसिंह राठौड़, अख्तर रसूल, राजेन्द्र कुमार राजपुरोहित आदि ने सहयोग किया। महिला काउंसलर मंजू भाटी एवं ऋतुराज शर्मा ने समझाइश की। एमएसीटी के प्रकरणों में मेडिकल बोर्ड के सदस्य डा. अविकल्प प्रकाश, डा. अनवर अली, डा. जितेन्द्र कुमार व डा. अरविन्द द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए। लोक अदालत में कुल 5 करोड़ 70 लाख 36 हजार 137 का अवार्ड पारित किया गया। कुल 4643 प्रकरण रखे गए। जिसमें से 8सौ का निस्तारण किया गया।
चूरू. ताल्लुका विधिक सेवा समिति रतनगढ़ के सौजन्य से गढ़ परिसर में अदालत का आयोजन किया गया। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रवीण कुमार वर्मा व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्र्रेट सृष्टि चौधरी के सान्निध्य में 131 प्रकरणों में से 21 का निस्तारण किया गया। मोटर वाहन दुर्घटना क्लेम के 54 प्रकरण में से 4 का निस्तारण कर 25 लाख पैंतीस हजार रूपए की राशि के अवार्ड पारित किए गए। सात वैवाहिक प्रकरण व 10 अन्य प्रकरणों का निस्तारण भी हुआ। द्वितीय बैंच में प्री लिटिगेशन के 639 प्रकरण रखे गए जिनमें से 10 का निस्तारण हुआ।
3 लाख 9 हजार 400 की राशि की वसूली बैंकों के लिए की गई। इसी बैंच में कुल 245 लंबित प्रकरण रखे गए जिनमें 26 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। लोक अदालत में लंबित व प्री लिटिगेशन को मिलाकर 1015 प्रकरण रखे गए जिनमें से 57 प्रकरणों का निस्तारण किया गया व कुल 28 लाख 44 हजार 400 की राशि वसूली गई। इस दौरान विभिन्न बैंकों के प्रबधंक, बार संघ अध्यक्ष सतीश मारू, जगदीश शर्मा, प्रमोद इंदोरिया, लिछमण प्रजापत, निराणाराम बिस्सू, मनीष शर्मा आदि उपस्थित थे।
सुजानगढ़. एडीजे रामपाल जाट की अध्यक्षता में बैंच संख्या एक में एमएसीटी के 19 प्रकरणो में 76 लाख 37 हजार के अवार्ड पारित हुए व 13 इजराय दीवानी मामलों का निस्तारण कर 92 लाख 20 हजार 621 रुपए की वसूली हुई। बैंच संख्या दो की अध्यक्षता एसीजेएम श्यामकुमार व्यास ने की जिसमें 6 मामले निस्तारित हुए व एनआई एक्ट के कुल 9 लाख 19 हजार रुपए के प्रकरण निपटाए गए। 16 वैवाहिक प्रकरण, 2 इस्तगासा, 5 एफआर प्रकरण, 8 अन्य सिविल मामले निपटाए गए।
बैंच संख्या 3 की अध्यक्षता सिविल न्यायाधीश विनयकुमार सोलंकी ने की जिसमें 34 मामले निपटाए गए। एनआई एक्ट 138 के तहत कुल 29 प्रकरण में 28 लाख 8 2 हजार 391 रुपए की वसूली हुई। 22 वैवाहिक विवाद में एक लाख 95 हजार 8 00 रुपए की वसूली हुई। 9 अन्य सिविल मामले निपटाए गए। दो करोड़ 22 लाख 39 हजार 450 रुपए के बैंक प्रीलिटीगेशन के कुल 218 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। तीनों बैंच में अधिवक्ता बुद्धिप्रकाश प्रजापत, जगवीर गोदारा, हरीश गुलेरिया, सचिव कविता भाम्भू, विमलकुमार शर्मा ने सहयोग किया।
सादुलपुर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चूरू के निर्देशानुसार शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इनमें तीन बैंचों को गठन किया गया। जिसमें आशीष दाधीच एडीजे, एडवोकेट प्रीतम शर्मा, मदनचंद जांगिड़, एसीजेएम विजेन्द्र कुमार, एडवोकेट ब्रजमोहन शर्मा, विजय सिंह तंवर, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल पारवानी तथा एडवोकेट बलवीर जांगिड़, रतनलाल प्रजापत को शामिल किया गया।
अदालत में एडीजे-2 नीलम शर्मा तथा एसडीएम सुभाष भडिय़ा, अभियोजन अधिकारी महेश नेहरा ने भागीदारी निभाई। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 28 प्रकरणों का निस्तारण कर 99 लाख 36 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया गया। चैक अनादरण के 28 मामलों का निस्तारण कर 36 लाख 51 हजार 330 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा प्री-लीटिगेशन के मामलों का निस्तारण किया गया। इस लोक अदालत में एडवोकेट महावीर पूनिया, बार संघ के अध्यक्ष राकेश पूनिया, मधु अग्रवाल, पुरूषोत्तम सैनी, मनोज पचार, जीतेन्द्र सहारण, जीतेन्द्र पूनिया, ललित गौतम मौजूद थे।
तारानगर. ताल्लुका विधिक सेवा समिति की ओर से न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष कुमार की अध्यक्षता में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 74 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। अदालत में एडवोकेट लक्ष्मीनारायण सहारण, केदारमल स्वामी, विकास सिहाग, सागरमल व्यास, गजराजसिंह राजवी, राजेन्द्रसिंह, प्रकाश कुमार, भगवानदान चारण, सतपालङ्क्षसह, गोपीराम आदि मौजूद थे। अदालत में विभिन्न प्रकरणों में 32 लाख 37 हजार 212 रूपए की समझौता राशि वसूल की गई।





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