- महावीर भट्ट
पुष्कर/अजमेर। पुष्कर में पिछले तीन-चार दिनों से पड़ रही तेज ठंड ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। तेज ठंड के कारण पाला पडऩे से किसानों के आंवले, जामुन और गुलाब की फसल खेतों में ही खड़ी-खड़ी जल गई है। तेज ठंड के प्रभाव से हालत यह हो गई है कि आंवले के पेड़ पर आंवले की फसल तो हैं लेकिन वह ठंड के कारण उबल से गए हैं। फूलों के पेड़ के पत्ते ठंड के प्रभाव से झुलस कर बिल्कुल सफेद हो गए हैं। किसानों का कहना है कि अब इन सभी पेड़ों में नया फुटान आने पर ही फसल होगी। तब तक किसान को एक बालक की तरह पेड़ को नए तरीके से जिंदा करने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।
देव नगर गांव में पत्रिका संवाददाता ने जब दौरा किया तो मौके पर मौजूद किसान गोपाल गुर्जर ने खेत में ले जाकर आंवले की फसलें दिखाई तो आश्चर्यचकित दुष्परिणाम सामने आए। सैकड़ों की संख्या में खड़े आंवले की फसल से लदे पेड़ ठंड के दुष्प्रभाव से खड़े-खड़े जल गए व पत्ते सफेद हो गए। पूरे पेड़ जले से खड़े हैं और आंवले पेड़ों पर लगे पत्ते ही सफेद पड़ गए हैं तथा उबले हुए से प्रतीत होने लगे हैं। यही हाल जामुन के पेड़ का भी दिखा। जामुन के पेड़ भी ठंड के पर दुष्प्रभाव से बिल्कुल सफेद से पड़ गए हैं। थोड़ी दूर अन्यत्र खेत पर जाने पर गांव के ही संपत लाल मेघवंशी ने बताया कि इस बार ठंड के कारण पुष्कर एवं आसपास के गांव में करीब 50 लाख की फसलें नष्ट हो गई है।
संपत संपत लाल का कहना था कि किसानों की आंखों में आंसू आ गए हैं वो पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। उसमें किसानों की मदद के लिए सरकार की तरफ इशारा किया है कि सरकार अब किसानों को कुछ आर्थिक मदद दे तो ही संभल मिले।





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