चूरू/ साहवा.
सूरतगढ़ सुपर थर्मल से बबई खेतड़ी (झुंझुनूं) जा रही 440 केवी की विद्युत लाइन का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि चोरों की नजर कीमती तार पर पड़ गई। काम पूरा होने से पहले ही चोरों ने रविवार रात 50 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़कर लाखों रुपए का तार काट लिया। काफी तार ट्रक में भर लिए थे। कुछ तार जमीन पर जगह-जगह पड़े थे। लेकिन भागने में सफल नहीं हो सके। पुलिस ने उन्हे क्षेत्र में ही दबोच लिया। काटे गए तारों की कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई जा रही है। सोमवार सुबह गांव कोहिणा के पास साहवा-भालेरी सड़क से मेहरी की तरफ से चार पोल के तार कटे हुए थे। कुछ के बण्डल बने थे तो कुछ पोल से जमीन पर झूल रहे थे। सरपंच भागूराम, गोपीचंद, बालचंद, ईश्वरसिंह, सुरेश पूनिया, कृष्ण महिया ने टावर के कटे तार देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौका निरीक्षण कर सम्बंधित विभाग व ठेकेदार को सूचना भेजी। वहीं इससे पहले एसपी राममूर्ति जोशी ने भालेरी थानाधिकारी गोपालसिंह व तारानगर एसआई मदनसिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर तुरंत कार्रवाई के लिए रवाना कर दिया।
ज्ञातव्य हो कि सूरतगढ़ सुपर थर्मल से बबई खेतड़ी जा रही ४४० केवी की उच्चतम वोल्टेज की लाईन का काम विभाग ने दो वर्ष की अवधि में पूर्ण करने की शर्त पर हैदराबाद की एस्टार प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी को ठेका दिया था जिसे कम्पनी ने अक्टूबर 2011 में काम शुरू किया था जो अक्टूबर 2013 में सम्पूर्ण हो जाना था मगर यह काम अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। अभी तो बबई के पास कुछ दूरी में पोल पर तार खींचने का काम अधूरा पडा़ है। टावर पर खींचे गए तारों को चोरों ने काटने शुरू कर दिए। सोमवार को गांव कोहिणा के पास करीब ४ पोलों के बीच से तार काटने का मामला सामने आया। वहीं इससे पहले भी चूरू सादुलपुर सड़क पर पुलिस थाना दूधवाखारा क्षेत्र में सड़क के दक्षिण साईड में तार काटे हुए है। वहीं तारागनर भालेरी सड़क पर गांव बुचावास तोगावास के बीच सड़क क्रॉसिंग पोल पर सड़क के दक्षिण साइड में भी कुछ तार कटे हुए हैं जो राह चलते राहगीर को भी दिखाई दे रहे हैं । इसके अलावा भी कई जगहों पर ऐसी जानकारियां मिल रही हैं जहां से इस लाईन के तार कट चुके हैं।
आठ तार काटे
४०० केवी की उक्त लाइन के पोल की उचाई करीब ५० मीटर होती है तथा इसके दो पोल के बीच की दूरी करीब ४०० मीटर होती है तथा इसमें ३ ईंच मोटाई के २४ तार खींचे गए हैं। जिसे खींचने के लिए हाई पावर मशीन को काम में लिया जाता है। एक किमी लाइन पर करीब एक करोड़ की लागत आती है। इसमें से आठ तार काटे गए हैं।





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