पाली। कपड़ा नगरी को साफ-सुथरा व कचरा रहित बनाने की मंशा से खेतावास गांव के निकट बनाया गया कम्पोस्ट प्लाण्ट करीब पांच वर्ष बाद भी उद्घाटन के इन्तजार में है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के ठोस कचरा प्रबन्धन की योजना कागजों में सिमट कर रह गई है। एक तरफ नगर परिषद प्रशासन शहर को साफ-सुथरा बनाकर स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में अव्वल आने के लिए तैयारियों में जुटा है। दूसरी ओर स्थिति यह है कि करीब पांच वर्ष पूर्व खेतावास के निकट बनाया गया कम्पोस्ट प्लांट अब भी उद्घाटन के इन्तजार में है। ऐसे में लाखों रुपए की लागत से तैयार क पोस्ट प्लांट फिलहाल नाकारा पड़ा है।
2007 में हुए थे कार्यादेश
शहर को स्वच्छ बनाने एवं कचरे का निस्तारण करने के लिए खेतावास के निकट 543.16 बीघा जमीन पर 12वें वित्त आयोग के तहत 75 एमटी क्षमता के क पोस्ट प्लाण्ट स्थापित करने के लिए वर्ष 2007 में हाइड्रो-एयर-टैक्निक्स (पीसीडी) लिमिटेड नवीं मु बई को कार्यादेश जारी किए गए थे। प्लाण्ट स्थापित करने के लिए हाइड्रो-एअर टैक्निक्स, आवास विकास लिमिटेड तथा नगर परिषद के बीच त्रि स्तरीय अनुबन्ध किया गया था। तीन वर्ष में प्लाण्ट बनकर तैयार भी हो गया, लेकिन अभी तक यह मामला अटका हुआ है।
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर
नगर परिषद की ओर से प्लांट क्षेत्र में भी कचरा एकत्रित किया जा रहा है। लेकिन प्लांट अभी तक शुरू नहीं किया जा सका। कम्पोस्ट प्लाण्ट शुरू नहीं होने से शहरी क्षेत्र के कचरे का ढंग से निस्तारण नहीं हो रहा है। फिलहाल शहर के मंडिया रोड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निकट, बाण्डी नदी, पांच मौखा पुलिया, खोडिया बालाजी नाडी क्षेत्र की रिक्त भूमि पर कचरा एकत्रित हो रखा है।
दिन में कई बार लगती है आग
मंडिया रोड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निकट कचरा एकत्रित किया जा रहा है। इसके सामने ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। कचरा उड़-उड़ कर अस्पताल परिसर तक पहुंचता है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन कई बार नगर परिषद से कचरा स्टैंड यहां से हटाने की लिखित में शिकायत कर चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। साथ ही कचरे के ढेर में दिन में कई बार आग तक लग जाती है। जिससे उठता धुआं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ ही आसपास की कॉलोनियों में फैल जाता है।
जल्द ही करेंगे शुरू
पर्यावरण स्वीकृति के चलते प्लांट संचालन का मामला अटका हुआ है। जल्द ही कार्रवाई पूर्ण कर इसका संचालन शुरू करवाने का प्रयास करेंगे। -महेन्द्र बोहरा, सभापति नगर परिषद, पाली





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