हरिसिंह गुर्जर/ झालावाड़.सरकार ने बेटियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन देने के लिए मेधावी छात्रा स्कूटी योजना तो शुरू कर दी है। लेकिन नियमों की जटिलता के चलते कई मेघावी छात्राएं भी इससे वंचित हो रही है। बेटियों की प्रतिभा पर हर जिले में 50 प्रतिभावन बेटियों को ही स्कूटी देने का नियम लगाकर सरकार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने से बच रही है। आयुक्तालय की वेबसाइट पर जिलेवार डाली गई वरियता सूची में प्रथम पचास छात्राओं को ही स्कूटी वितरण करने के लिए कहा गया है। इस सीमा के कारण सबसे बड़ी ये विसंगति हो गई है। कि राज्य के 6 जिलों में आवेदन ही 50 से कम आए और जालोर जिले में 50 ही आवेदन आने से यहां हर पात्र छात्रा को स्कूटी मिलने वाली है,लेकिन राज्य के अन्य 26 जिले जहां पात्रताधारी 50 से अधिक है वहां प्रतियोगिता परीक्षा की तरह कट ऑफ जारी की गई है। सूत्रों ने बताया कि इन जिलों में 80-83 फीसदी अंक लाने वाली बेटियों को भी इसलिए स्कूटी नहीं मिलने वाली है कि वे पचास की सीमा में नहीं आ रही है। आवेदन अधिक आने से पात्रता के बावजूद भी सबको स्कूटी नहीं मिल पाएगी।
झालावाड़ जिले में 84 छात्राएं रहेंगी वंचित-
योजना के तहत झालावाड़ जिले में सभी राजकीय महाविद्यालयों की 134 बेटियां स्कूटी पाने के लिए पात्र पाई गई है। लेकिन आयुक्तालय की 50 की सीमा के कारण जिले की 84 बेटियां स्कूटी पाने के सपने को पूरा नहीं कर पाएगी। फिलहाल 81फीसदी अंक वाली छात्राओं को ही स्कूटी मिलने वाली है।
31 जनवरी से पहले करना होगा वितरण-
कॉलेज आयुक्तालय ने दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में एक आदेश जारी कर सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आदेश जारी कर 31 जनवरी से पहले योजना में स्कूटी के लिए आवेदन करने वाली छात्राओं की स्थाई वरीयता सूची के आधार पर वितरण करने के लिए कहा गया है।
यह पात्रता के नियम-
मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के तहत राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में नियमित अध्ययनरत उन सभी छात्राओं को स्कूटी दी जानी थी, जिन्होंने सरकारी विद्यालय में कक्षा 9-12वीं तक नियमित अध्ययन किया हो एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त किए हो। सरकार ने ऐसे में प्रत्येक जिले से 50 छात्राओं को स्कूटी के हिसाब से 1650 स्कूटी वितरण का लक्ष्य रखा है, जबकि पात्रताधारी छात्राओं की संख्या 3050 हो गई है।
गलत सूचना पर होगी कार्रवाई-
स्कूटी पाने के लिए पात्रताधारी छात्राओं की स्थाई वरीयता सूची जारी करने के साथ ही आयुक्तालय ने यह भी चेतावनी दी है कि अब कोई आवेदन में असत्य जानकारी अंकित कर स्कूटी प्राप्त करता है तो उस छात्रा व उसके अभिभावक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में किसी छात्रा के पिता की आयु ढ़ाई लाख से अधिक होने व कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक निजी विद्यालय में अध्ययन किया हो इस बात को छुपाया हो।
इतनी गई जिलेवार कट् ऑफ
झालावाड़ 134 81.00
चुरू 195 83.40
जयपुर 158 83.20
भीलवाड़ा 153 82.40
नागौर 149 81.80
चितौडगढ़़ 116 79.80
अजमेर 112 81.20
अलवर 144 80.80
बारां 61 76.20
बाड़मेर 93 79.20
भरतपुर 67 77.20
बीकानेर 121 80.60
बंूदी 77 77.20
दौसा 83 77.60
हनुमानगढ़ 100 79.80
झुंझुंनू 110 80.00
जोधपुर 93 80.20
कोटा 106 80.00
पाली 78 77.80
श्रीगंगानगर 118 81.20
टोंक 100 78.40
उदयपुर 102 78.60
राजसमंद 85 77.60
सवाईमाधोपुर 59 76.40
सीकर 130 81.00
सिरोही 84 79.00
विस चुनाव के चलते नहीं हो पाया था वितरण-
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की आचार संहित के चलते महाविद्यालयों में मेधावी स्कटी का वितरण नहीं हो पाया था, अब छात्राओं को संभवत: 31 जनवरी से पहले स्कूटी का सपना पूरा हो जाएगा, लेकिन कई छात्राएं पात्र होने के बाद भी योजनाका लाभ नहीं उठा पाएंगी, छात्रा मनीषा ने बताया कि उसके 77 फीसदी से अधिक अंक है, लेकिन एक जिले से 50 छात्राओं को ही स्कूटी देने की योजना होने के चलते उसका नंबर इसमें नहीं आ पा रहा है।
देवनारायण योजना में भी है विंसगति-
देवनारायण योजना मेें भी पूरे राजस्थान में प्रथम एक हजार छात्राओं को ही स्कूटी देने का नियम है, ऐसे में इस योजना में भी छात्राओं की मैरिट अधिक जा रही है। छात्रा प्रतिभा गुर्जर ने बताया कि मेधावी की तरह यह भी जिले में 50 की सीमा तय होनी चाहिए, ताकि झालावाड़ जिले में एसबीसी की सभी पात्र छात्राओं को मौका मिल सके।
यह कहना है प्रभारी का-
जिले में छह महाविद्यालयों में 134 पात्र आवेदन आए है। आयुक्तालय से जनवरी माह में देने के निर्देश आए है, लेकिन वितरण कब करना इसकी तिथि नहीं आई है।
डॉ.विजय प्रकाश मीणा, नोडल अधिकारी, मेधावी छात्रा स्कूटी योजना, कन्या महाविद्यालय, झालावाड़





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