रांची। केंद्रीय बजट पेश करने में अभी कुछ दिन का समय शेष है लेकिन उससे पहले मंगलवार को झारखंड सरकार ने अपना बजट पेश कर दिया। मुख्यमंत्री रघुबर दास ने विधानसभा में राज्य वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 85,429 करोड़ रुपए घाटे का बजट पेश किया। सीएम रघुबर दास ने लगातार पांचवें वर्ष राज्य का बजट पेश किया है और वे ऐसा करने वाले पहले सीएम बन गए हैं। बता दें कि सीएम रघुबर दास ने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा है।
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बजट का प्रमुख हिस्सा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित
आपको बता दें कि झारखंड सरकार ने बजट का प्रमुख हिस्सा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है, जिसमें पंचायतों के लिए 14.32 फीसदी, शिक्षा के लिए 13.56 फीसदी और कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए 9.46 फीसदी का आवंटन किया गया है। वहीं, समाज कल्याण क्षेत्र में अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 7.72 फीसदी, पुलिस और आपदा प्रबंधन के लिए 7.15 फीसदी फंड का आवंटन किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि करों से 20,850 करोड़ रुपए की कमाई होगी, जबकि गैर-कर प्राप्तियों से 10674.20 करोड़ रुपए और केंद्रीय मदद से 13,833.80 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 29,000 करोड़ रुपए और सार्वजनिक कर्ज में 11,000 करोड़ रुपए है, जबकि उधार और अग्रिम संग्रह से सरकार को 71 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।
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प्रति व्यक्ति आय 83,513 रुपए रहने का अनुमान
बता दें कि वित्त वर्ष 2019-20 में जीएसडीपी (राज्य सकल घरेलू उत्पाद) 3,16,731 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 10.5 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2018-19 में जीएसडीपी 2,86,598 करोड़ रुपए थी। वित्त वर्ष 2019-20 में प्रति व्यक्ति आय 83,513 रुपए रहने का अनुमान है, जोकि वित्त वर्ष 2018-19 (76,806 रुपए) से 8.73 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटा 7,155.63 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2.26 फीसदी अधिक है।
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