जयपुर।
परिस्थिति कैसी भी हो डटकर मुकाबला करना चाहिए। हमें किसी से डरना नहीं चाहिए। हमेशा खुश रहना चाहिए। बदमाशों से लडकऱ उनके चंगुल से निकलने वाली जयपुर की नौ वर्षीय अनिका जैमिनी ने पत्रिका से बातचीत में यह बात कही। अनिका सहित देश के 21 बच्चों को इंडियन कांउसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर (आइसीसीडब्ल्यू) की ओर से बहादुर बच्चों को दिए जाने वाले पुरस्कार की श्रेणी राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार- 2018 (National Bravery Award) में शामिल किया गया है।
अनिका शुक्रवार को अपने पिता राकेश और मां रेखा के साथ नई दिल्ली पहुंचीं। अनिका के पिता ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर बहुत गर्व है। वहीं मां रेखा ने कहा कि हमारी बेटी यह साबित कर दिया है कि नारी को अपनी सुरक्षा का बीड़ा अब स्वयं ही उठाना होगा। बिना अपनी कमजोरी का रोना रोए, इसी समाज में जीने की तैयारी दिखानी होगी। क्योंकि नारी अबला नहीं सबला है। अनिका के अलावा छत्तीसगढ़ के 11 साल के रितिक साहू, 13 साल के झगेन्द्र साहू और नौ साल के श्रीकांत को भी साहसी कार्य के लिए चुना गया है।
पत्रिका ने उठाया पढ़ाई का दायित्व
अनिका के साहस को देख पत्रिका प्रबंधन ने उसी समय अनिका की पढ़ाई का पूरा दायित्व निभाने का निर्णय लिया था। पत्रिका ने अनिका के साहस से जुड़े समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किए थे।
अपहरणकताओं के चंगुल से बच निकली थी
अनिका 19 अप्रेल 2018 को सुबह 5 बजे दूध लेने घर से निकली। तभी एक बाइक सवार उसे पता पूछने के बहाने उठा ले गया। कुछ दूर जाने के बाद त्रिवेणी पुलिया के पास बाइक बंद हो गई। मौका मिलते ही उसने हौसला दिखाया और बाइक से उतर भागने लगी। इसी दौरान अपहर्ता ने उस पर नुकीले हथियार से वार किया लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और अपहर्ता के चंगुल से भाग छूटी। यह घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ। पुलिस फुटेज देखने के बाद हरकत में आई और 30 घंटे में ही आरोपित अभय को पकड़ लिया। फुटेज में नन्हीं बच्ची का हौसला देख पुलिस खुद दंग रह गई।





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