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Bird fair 2019: सर्द मौसम में परिन्दों की उड़ान, पक्षियों का कलरव देख शहरवासी रोमांचित

अजमेर.

हजारों मील दूर से आए पक्षियों का कलरव देखकर शहरवासी रोमांचित हो उठे। सबको सर्द मौसम में परिन्दों की उड़ान और आनासागर झील में उनकी अठखेलियां देखने का मौका मिला। कई पक्षी प्रेमियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आसमान में पंछियों की फोटो मोबाइल और कैमरे में कैद की। प्रवासी और देशी पक्षियों के बारे में जानने और प्रजातियों को समझने की ललक भी दिखाई दी। राजस्थान पत्रिका, जिला प्रशासन, नगर निगम और मदस विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुए बर्ड फेयर-2019 के दूसरे दिन रविवार को कई कार्यक्रम हुए।

बचाएं पक्षियों के कुदरती आवास

सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट पर आयोजित कार्यक्रम में आईएएस तेजस्वी राणा ने कहा कि कुदरत ने भी अजमेर की आबोहवा, प्राकृतिक वातावरण को पक्षियों के अनुकूल बनाया है। यही वजह है, कि हजारों मील का सफर तय कर पक्षी आनासागर झील और आसपास के इलाकों में पहुंचते हैं। किसी शहर के बीचों-बीच ऐसी झील नहीं है। इसकी स्वच्छता, पक्षियों के लिए कुदरती आवास और हरियाली बढ़ाने में आमजन को अब खुद आगे आना चाहिए। बर्ड फेयर के माध्यम से राजस्थान पत्रिका जागरुकता बढ़ा रहा है।

जानें और समझें पक्षियों की दुनिया को
आईएएस अंजलि राजोरिया ने कहा कि पक्षियों की दुनिया को समझने और जानने की जरुरत है। यह प्रकृति प्रेमी, स्वच्छता दूत और खुशहाली का संदेश देते हैं। बर्ड वॉचिंग की शुरुआत आसपास के इलाकों से भी हो सकती है। प्रख्यात पक्षीविद् डॉ. सालिम अली इसकी मिसाल हैं। पक्षियों के बीच रहते-रहते वे उनके व्यवहार, बोली तक को समझने लगे थे। पक्षियों के प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहें। लेकिन शहरवासियों को भी स्वच्छता, हरियाली का ध्यान रखने की जरूरत है।

पक्षियों के लिए बनें वैटलैंड

बर्ड कंजर्वेशन सोसायटी के उपाध्यक्ष डॉ. के. के. शर्मा ने कहा कि आनासागर झील में कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी आते थे। बस्तियां बनने और अतिक्रमण से पक्षियों की आवक घट गई। प्रशासन को पक्षियों के लिए प्राकृतिक नम भूमि विकसित करनी चाहिए। दुनिया में प्रवासी पक्षियों की करीब 10 हजार प्रजातियां हैं। इनमें उपजातियां भी हैं। भारत में तीन सौ से ज्यादा प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जिनमें कई अजमेर में दिखते हैं। पक्षी हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य मित्र होते हैं।

बर्ड वॉचिंग में शानदार कॅरियर
राजस्थान पत्रिका अजमेर के संपादकीय प्रभारी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि रोजगार के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ बर्ड वॉचिंग में भी शानदार कॅरियर है। यूरोप और अमरीका में तो बर्ड वॉचिंग करोड़ों का व्यवसाय बन चुका है। वैश्विक स्तर रप अंधाधुंध विकास, पेड़ों की कटाई, प्रदूषण और मानवीय हलचल से पशु-पक्षियों पर खतरा मंडरा रहा है। अजमेर में भी प्रवासी पक्षियों की संख्या घटना इसका परिचायक है। पक्षियों से हमें उत्तम, स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा, सुंदर पर्यावरण के साथ रोजगार भी उपलब्ध होता है।

बर्ड फेयर में यह रहे मौजूद

पार्षद मनोज बैरवा, पूर्व पार्षद कमल बैरवा, भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के अनीश मोयल, मंजु सोनी डॉ.अतुल दुबे, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के दिवाकर यादव, आकांक्षा वर्मा, मित्तल नर्सिंग इंस्टीट्यूट के विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र गांधी और अन्य

 

 



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