नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में दीवार (द वाल) और 'मिस्टर डिपेंडेबल' के नाम से मशहूर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के नाम बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने विश्व क्रिकेट में अपनी एक अलग छवि बनाई है। जब द्रविड़ मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरते थे तब अच्छे-अच्छे गेंदबाजों की हालत खराब हो जाती थी। आज उनका 46वां जन्मदिन है। राहुल द्रविड़ का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद उनका परिवार कर्नाटक शिफ्ट हो गया था। उनकी शिक्षा कर्नाटक में हुई। सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से एमबीए करने के दौरान ही उनका सिलेक्शन नेशनल क्रिकेट टीम में हो गया था। वह एक स्टेट लेवल हॉकी प्लेयर भी रह चुके हैं।
द्रविड़ का क्रिकेट करियर -
द्रविड़ ने साल 1996 में अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। उन्होंने जून 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। इस मैच में भारत के दिग्गज पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की थी। द्रविड़ ने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेला और शानदार बल्लेबाजी करते हुए 95 रन बनाए। ख़राब शॉट लगाकर द्रविड़ अपने शतक से मात्र 5 रन से चूक गए। गांगुली ने उस मैच में शतक लगाया था। द्रविड़ की इस नायाब पारी गांगुली की शतकीय पारी के सामने कुछ फीकी रह गई। द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्ट मैचों में 13,288 रन बनाए, जिसमें 36 शतक, 63 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने वनडे में भारत के लिए 344 मैच खेलकर 12 शतक और 83 अर्धशतकों की मदद से 10,889 रन बनाए। द्रविड़ वनडे और टेस्ट में 10 हज़ार से ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। द्रविड़ के अलावा ये कारनामा मास्टर ब्लास्टर सचिन ने किया है।
अंडर 19 टीम को जिताया विश्वकप -
आज भले ही द्रविड़ रिटायरमेंट ले चुके हों, लेकिन उनके फैन्स आज भी मैदान पर द्रविड़ मिस यू के बैनर लिए नजर आ जाते हैं। वर्तमान में राहुल द्रविड़ भारत की जुनियर टीम को कोचिंग दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में भारत की अंडर-19 टीम ने साल 2018 में विश्व कप जीता है। इतना ही नहीं साल 2016 में भारत ने बांग्लादेश में खेले गए विश्वकप में फाइनल तक का सफर तय किया था, जहां उसे वेस्टइंडीज से हार का सामना करना पड़ा था। पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत, खलील अहमद जैसे खिलाड़ी उनकी कोचिंग के चलते आज भारतीय टीम का हिस्सा हैं। वहीं शुभमान गिल, मनजोत कालरा, ईशान किशन, संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी उनकी ही निगरानी में तैयार होकर भारतीय टीम के एंट्री गेट पर अपनी मजबूत दस्तक दे रहे हैं।
वनडे और टी20 में छुए ये कीर्तिमान -
वनडे क्रिकेट में द्रविड़ के धीमे खेलने की शैली को लेकर मजाक किया जाता था। लेकिन इस खिलाड़ी में टी20 में भारत के लिए खेले गए एकमात्र मैच में लगातार तीन सिक्स लगाकर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। इतना ही नहीं द्रविड़ ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोरे की तरफ से खेलते हुए 36 गेंदों में 6 सिक्स की मदद से 75 रन ठोके थे। वहीं राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने एक कमज़ोर टीम को नई पहचान दिलाई थी। आपको बता दें कि उनके नाम वनडे क्रिकेट में लगातार मैचों में सबसे कम बार जीरो पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है। वह लगातार 120 वनडे मैचों में जीरो पर आउट नहीं हुए। वहीं न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उन्होंने भारत के लिए वनडे क्रिकेट में दूसरी सबसे तेज फिफ्टी लगाई थी। उस मैच में द्रविड़ ने 22 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। द्रविड़ के नाम टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा 210 कैच (नॉन-विकेटकीपर के तौर पर) लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।





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