सवाईमाधोपुर. जिले के चिकित्सा संस्थानों व कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन से हाजरी होगी। चिकित्सा महकमे में लम्बे समय से तकनीकी खराबी से बंद पड़ी बायोमैट्रिक मशीनें फिर से शुरू हो गई हैं। वर्तमान में जिले में 60 चिकित्सा संस्थान, सीएचसी व पीएचसी संचालित हैं। अब विभाग ने सीएचसी व पीएचसी पर बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थित दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं मिशन निदेशक ने प्रदेशभर में चिकित्सा विभाग के सभी कार्यालयों व संस्थानों में बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थित दर्ज कराने के निर्देश दिए है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय समेत बीसीएमओ कार्यालय व पीएचसी पर बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने पर जोर दिया है। इसके बाद हरकत में आए चिकित्सा महकमे ने बायोमैट्रिक मशीन में तकनीकी खराबियों को ठीक कराने व उपस्थिति दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी बीसीएमओ सीएचसी व पीएचसी प्रभारी अधिकारियों को बायोमैट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं।
चार दर्जन संस्थानों में लगाना होगा अंगूठा
सीएमएचओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 60 चिकित्सा संस्थानों में वर्तमान में 49 मशीनें चालू हुई हैं। शेष 11 संस्थानों में बायोमैट्रिक मशीनों को ठीक करावाकर चालू कराया जा रहा है।
उपस्थिति के आधार पर बनेगा वेतन
जिले में संचालित सीएचसी व पीएचसी पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की बायामैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज होने के बाद ही वेतन बनेगा। नियमों की हर हाल में पालना करनी होगी। इसमें कोताही बरतने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई भी होगी।
ये दिए आदेश
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं मिशन निदेशक ने आदेश में बताया कि जिन चिकित्सा संस्थान व कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन उपलब्ध है, उनमें बायोमैट्रिक मशीन से ही उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिन संस्थानों में मशीन नहीं है, उनके चिकित्सा अधिकारियों को मशीन खरीदने के निर्देश दिए है। जिन संस्थान तथा कार्यालय में मशीन खराब पड़ी है, उसे शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए है।
दो साल पहले लगाई थी 60 मशीनें जानकारी के अनुसार फरवरी 2017 में जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपखंड स्तर के बीसीएमओ कार्यालय, सीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, जिला क्षय रोग सहित कुल मिलाकर विभाग के 60 कार्यालयों में बायोमैट्रिक्स मशीनें लगाई गई थीं। ऐसे में शुरूआती दौर में भले ही चिकित्सा विभाग के इन सभी सरकारी अस्पतालों व कार्यालय में इन मशीनों से हाजरी की, लेकिन कुछ समय बाद तकनीकी खराबी या मनमर्जी से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। अब चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद फिर से बायामैट्रिक मशीनों से उपस्थिति शुरू कराई है।
जिले में संचालित 60 चिकित्सा संस्थानों में से 49 संस्थानों में बायोमैट्रिक मशीनें चालू हो गई हैं। शेष 11 संस्थानों में जल्द ही मशीनें चालू कराई जाएंगी।
डॉ.तेजराम मीणा, सीएमएचओ, जिला अस्पताल सवाईमाधोपुर





No comments:
Post a Comment