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मुश्किल में रही परिदों की परवाज, जिन्दगी भर का दर्द दे दिया


सीकर. जिले में मकर संक्रान्ति आकाश में उड़ी पतंग की डोर मासूम और निरीह पक्षियों आफत बन कर आई। मांझे ने पतंग के साथ गगन में उड़ाया वह पक्षियों के लिए काल साबित हुई। जिले में इस बार मांझे की चपेट में आने से 1०७ पक्षी घायल हुए हैं, इनमे से २७ पक्षियों की मौत हो गई। मांझे से घायल होने वाले पक्षियों में कबूतर, तोता, कौआ आदि शामिल हैं। इन घायल पक्षियों को लोग सडक़ों, गलियों और छतों से उठाकर अस्पताल या शिविर में लेकर आए हैं। अस्पताल में १०७ पक्षियों को भर्ती करवाया गया था, जबकि इससे एक दिन पहले 70 पक्षी अस्पताल में भर्ती हुए थे। जिनका इलाज के पॉली क्लिीनिक और पशु अस्पताल में किया गया।
छिन गई परिंदों की आजादी
तापडिया बगीची के पास लगे शिविर में आए छह पक्षियों ने दम तोड़ दिया। शिविर में डॉ. दीपक अग्रवाल, सुरेन्द्र सिंह, दीपक यादव ने सेवाएं दी। शिविर में आए परिंदों में कई ऐसे पक्षी है जो अब पंख फैलाकर खुले आसमान में उड़ नहीं पाएंगे। चिक्त्सिकों ने बताया कि इस वर्ष घायल पक्षियों का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा है। जिले में पतंगबाजी का सिलसिला तीन चार दिन पहले ही शुरू हो जाता है। पतंगबाजी का यह दौर कई दिन बाद तक चलता रहता है।
कट जाते हैं पंख
मांझे की चपेट में आने वाले पक्षियों का बच पाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि मांझे से कटने के कारण उनके शरीर से खून उस समय तक बहता रहता है जब तक उन्हें इलाज न मिल जाए। उनके पंख कट जाते हैं। कई बार पक्षी ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन पंख नहीं होने के कारण वे उड़ नहीं पाते हैं। इस स्थिति में 50 से 55 प्रतिशत पक्षी ही बच पाते हैं।
पक्षियों को बचाने के लिए कई संस्थान आगे आए
सीकर . तापडिया बगीची के पास ऑपरेशन फ्री स्काई अभियान के तहत पक्षी चिकित्सा एवं संरक्षण शिविर लगा। शिविर पशु पालन विभाग, पशु कल्याण समिति, रिलीफ ट्रस्ट, हरीतिमा ग्रुप , श्री करणी रुग्ण गौ सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में लगा। सुबह 8 बजे से शाम छह बजे तक 30 घायल पक्षियों का उपचार किया। आठ परिंदों को प्राथमिक उपचार के
बाद उडऩे के लिए छोड दिया। तीन कबूतर व एक कमेड़ी की मौत हो गई।
१8 परिंदे जिला पशु चिकित्सालय सीकर में स्थित पक्षी संरक्षण केन्द्र में उपचाराधीन है। इस दौरान कांति प्रसाद पंसारी, पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक महेश कुमार मीणा, दीपक अग्रवाल, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, रामवतार गोडीवाल, हरीतिमा ग्रूप से शिल्पा चौकड़ीका और उनकी टीम, पशु कल्याण कार्यकर्ता के रूप में दीपक यादव। इस शिविर में पक्षियों को बचाने के लिए बनी संकल्प पंजिका में 206 लोगों ने हस्ताक्षर कर संकल्प लिया



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