जयपुर। वसुंधरा राजे 15 साल बाद फिर से राष्ट्रीय राजनीति में लौटेंगी। राजे को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजस्थान में दो बार मुख्यमंत्री और 1 बार नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम करने के बाद वसुंधरा राजे की केंद्र की राजनीति में वापसी हुई है।
राजे ने लोगों को दिया धन्यवाद
राजे ने नई जिम्मेदारी मिलने के बाद Tweet कर कहा कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में जो जिम्मेदारी सौंपी है उसका निर्वहन मैं पूरी निष्ठा से करूंगी। इस विश्वास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का हार्दिक आभार। साथ ही राजे ने बधाई देने के लिए लोगों को भी धन्यवाद दिया है।
प्रतिपक्ष नेता की दौड़ हुई तेज
वसुंधरा राजे के केंद्र की राजनीति में जाने से साफ हो गया है कि वे प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष नहीं होगी। पार्टी अब राजे के स्थान पर किसी अन्य नेता को यह जिम्मेदारी सौंपेगी। इसके साथ ही प्रतिपक्ष नेता को लेकर दौड़ तेज हो गई है। आपको बता दें इससे पहले नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में वसुंधरा राजे सबसे आगे थी। लेकिन अब राजे को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भाजपा के कई नेताओं के नाम सामने आ रहे है।
13 को जयपुर में घोषणा होने की उम्मीद
नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष केलाश मेघवाल, विधायक राजेन्द्र राठौड और विधायक गुलाब चंद कटारिया का नाम दौड में चल रहा है। बता दें कि शुक्रवार से दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हो रही है। उससे ठीक पहले तीनों पूर्व सीएम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है। जहां तक नेता प्रतिपक्ष का नाम है तो दिल्ली में ही यह नाम तय होगा और 13 को जयपुर में विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष के नाम के घोषणा होने की उम्मीद है।





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