पाली। भारत में बड़ी मात्रा में हेरिटेज लोकेशन होने के बावजूद चीन के मुकाबले 6 गुना कम विदेशी पर्यटक आते हैं, इसका सबसे बड़ा कारण देश में विदेशी मेहमानों की सुरक्षा में चूक होना सामने आ रहा है। सरकार, पुलिस व पर्यटक विभाग इन विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए कड़े व सुलभ उपाय करें तो पर्यटकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
इसके लिए सरकार को डिजिटल एफआइआर, पेनल्टी एक्ट जैसे कानूनों पर ध्यान देना होगा, ताकि पर्यटक हाथों-हाथ अपनी शिकायत दर्ज करवा सके और आरोपी पर तत्काल कार्रवाई हो सके। साथ ही उसे दुबारा इस कार्रवाई के लिए अपने देश से वापस भारत नहीं आना पड़े। कुछ ऐसा निष्कर्ष सामने आया जोधपुर स्थित सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में। इसमें राजस्थान पुलिस की ओर से पाली के पुलिस निरीक्षक व ट्रांसपोर्ट नगर थाने के थानाधिकारी किशोर सिंह भाटी ने यह सुझाव दिए। इन सुझावों को सरकार व पर्यटक महकमा को भेजा जाएगा, ताकि इन पर अमल हो।
प्रदेश के एकमात्र पुलिस विश्वविद्यालय में विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें कई देशों के विशेषज्ञ व अधिकारियों ने भाग लिया। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से सुझावों व समस्याओं का मुद्दा उठाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा हिंगोनिया, पाली के निरीक्षक किशोर सिंह भाटी व उप निरीक्षक दीप्ति को चुना गया। भाटी ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि विदेश पर्यटक जब भारत आते हैं तो उनकी पहचान शीघ्र हो जाती है, ऐसे में समाज कंटक लोग उन्हें लूटने व अन्य घटनाएं करते हैं।
कागजी कार्रवाई से सैलानी परेशान
पर्यटकों को पता है कि भारत में एफआईआर दर्ज करवाने, कोर्ट में लगातार पेशी पर आने, कागजी कार्रवाई जैसी कई औपचारिकताओं से गुजरना होता है, इसलिए वे थाने नहीं आते और चुपचाप चले जाते हैं। इन घटनाओं पर अंकुश तभी लगेगा, जब थानों में पर्यटकों के साथ हुए अपराध का निस्तारण एमवी एक्ट की तरह हाथों-हाथ चालान काटकर दिया जाता है, उसी तरह आरोपी के खिलाफ पैनल्टी जैसी कार्रवाई मौके पर ही हो। साथ ही एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया आसान हो। भाटी के इन सुझावों को सराहा गया और सरकार को भेजने का निर्णय किया गया।





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