नई दिल्ली। बांग्लादेश के वनडे और टी20 टीम के कप्तान मशरफे मुर्तजा ने अब क्रिकेट के बाद राजनीती के मैदान में कदम रखा है।बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग (एएल) को शानदार जीत मिली। इसी पार्टी से मुर्तजा ने नरैल सीट से चुनाव लड़ा और बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल की। 2007 में बांग्लादेश ने भारत को विश्वकप में हराकर पहले ही राउंड में बाहर कर दिया था। मुर्तजा उस टीम के अहम सदस्य रहे थे।
मशरफे मुर्तजा बने संसद -
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मशरफे मुर्तजा को कुल 2 लाख 74 हजार 418 वोट मिले, जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ आठ हजार छह वोट मिले। यानि उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार से करीब 34 गुना ज्यादा वोट हासिल किए। इसके अलावा चुनाव आयोग द्वारा 298 सीटों के लिए जारी परिणामों के अनुसार, 300 सीटों में 259 संसदीय सीटों पर जीत हासिल करने के बाद हसीना चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगी। सत्तारूढ़ दल की प्रमुख सहयोगी जातीया पार्टी ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की है। विपक्षी गठबंधन की एक प्रमुख सहयोगी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। बीएनपी को केवल पांच और जातीय ओइका फ्रंट में उसकी सहयोगियों को दो सीटें मिलीं।
मुर्तज़ा का क्रिकेट करियर -
2001 में डेब्यू करने वाले मुर्तज़ा ने बांग्लादेश के लिए खेलते हुए वनडे करियर में 202 मैचों में खेली गईं 148 पारियों में 14.04 के औसत और 1728 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 87.84 रहा। इतना ही नहीं गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 4.8 की इकोनॉमी और 31.36 के औसत से कुल 258 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 26 रन देकर 6 विकेट है।





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