जैसलमेर. सिस्टम पर सवाल उठाने वाला एक मामला जैसलमेर में सामने आया है। जैसलमेर के जवाहर चिकित्सालय में एक ऐसे स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज को भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा है, जिसे तीन दिन पहले जैसलमेर से ही चिकित्सकों ने हाथ झटककर रैफर किया था। यही नहीं जोधपुर के एक निजी अस्पताल ने मरीज को लाइलाज मानते हुए घर भेज दिया। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के खतरे को भांपकर उस मरीज का जैसलमेर में ही उपचार करवाना शुरू कर दिया है। यही नहीं एक स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज के लिए जवाहर अस्पताल की बर्न यूनिट को स्वाइन फ्लू वार्ड में तब्दील किया गया है।
मरीज देरावरसिंह (80) पुत्र सगतसिंह निवासी तेजपाला को उसके गांव से एम्बुलेंस भेज कर जैसलमेर अस्पताल में भर्ती करवाया है।
चार दिन चला जैसलमेर में उपचार
जवाहर चिकित्सालय के बर्न वार्ड में अस्थायी रूप से शुरू किए गए स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती देरावरसिंह के भतीजे भैरूसिंह ने बताया कि सर्दी-जुकाम की चपेट में आए देरावरसिंह का जैसलमेर अस्पताल में चार दिन भर्ती कर उपचार करवाया गया। उसके बाद चिकित्सक ने उन्हें जोधपुर के लिए रैफर कर दिया। जोधपुर में परिजन उन्हें लेकर सरकारी मथुरादास माथुर अस्पताल की बजाय एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां दो दिन भर्ती रखकर देरावरसिंह की जांच करवाई गई। जांच में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आने के बाद उन्हें छुट्टी लेकर घर ले जाने को कहा गया। इसके बाद परिवारजन देरावरसिंह को तेजपाला गांव लेकर आ गए। इस संबंध में चिकित्सा विभाग को मरीज के फिर से गांव लौटने की जानकारी मिली तो उनके हाथ पांव फूल गए। बुधवार शाम को तेजपाला गांव में एम्बुलेंस भेजकर मरीज को जैसलमेर अस्पताल लाकर भर्ती करवाया गया। एक स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज के लिए जवाहर अस्पताल की बर्न यूनिट को स्वाइन फ्लू वार्ड में तब्दील किया गया है।
एक मरीज से अस्पताल परिसर में सनसनी
-स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज को भर्ती किए जाने से संबंधित अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई।
-वार्ड में नियुक्त किए गए स्टाफ को सुरक्षा के लिए आवश्यक ड्रेस तथा मास्क उपलब्ध करवाए गए।
-पास ही डायलिसिस कक्ष होने से वहां आने वाले मरीजों तथा उनके परिवारजनों के साथ स्टाफ सदस्य भी गुरुवार को दहशत में दिखे।
स्वाइन फ्लू वार्ड शुरू किया
जवाहर चिकित्सालय में स्वाइन फ्लू वार्ड को शुरू कर दिया गया है। यहां भर्ती मरीज का उपचार चल रहा है। यहां वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, जरूरी दवाइयों व इंजेक्शन की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा संबंधित स्टाफ की सुरक्षा पर भी हमारा पूरा ध्यान है।
-डॉ. उषा दुग्गड़, पीएमओ, जवाहर चिकित्सालय, जैसलमेर





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