अजमेर/मदनगंज-किशनगढ़.
डीएफसीसी के ट्रेक पर मदार से रेवाड़ी तक मालगाड़ी की तेज गति से ट्रॉयल हो चुकी है। उम्मीद है, कि साल 2019 में डीएफसीसी ट्रेक पर मालगाड़ी दौडऩा शुरू हो जाएगी। तकनीकी परीक्षण के बाद रेलवे सुरक्षा अधिकारी सर्टिफिकेट देंगे। इसके बाद ही यह ट्रेक देश के लिए आय का स्त्रोत बन सकेगा।
डेडिकेटेड फे्रट कॉरिडोर (डीएफसीसी) के तहत दिल्ली से मुम्बई के बीच मालगाडिय़ों के लिए अलग से रेलवे ट्रेक बिछाया जा रहा है। इसके तहत फुलेरा से मंडावरिया तक पहले ही ट्रेक बिछाया जा चुका है। अब मंडावरिया से मदार तक का ट्रेक बिछाया जा गया है।
डीएफसीसी ट्रेक बिछाने वाली कम्पनी ने सूचना भी जारी की है। पहले यह ट्रॉयल साल के अंतिम दिन होने वाली थी, लेकिन अब इसे एक दिन पहले किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली से फुलेरा तक मालगाड़ी का संचालन शुरू हो गया है। ट्रॉयल पूरी होने और किसी प्रकार की कमियां नहीं रहने पर उक्त मालगाड़ी को मदार तक चलाया जा सकता है।
डाउन ट्रेक पर दौड़ेगी मालगाड़ी
मदार से रेवाड़ी तक दौडऩे वाली ट्रॉयल मालगाड़ी डाउन ट्रेक पर चलेगी। डाउन ट्रेक पूरी तरह से तैयार है। शेष कमियों को पूरा किया जा रहा है। साथ ही अप ट्रेक का अधिकांश काम पूरा हो गया है।
परासिया डबल फाटक पर लगाया गेट
नगर के परासिया डबल फाटक पर डीएफसीसी ट्रेक पर मालगाड़ी की आवाजाही के दौरान आवागमन रोकने के लिए फाटक आदि लगाया जा रहा है। इसका कार्य शुक्रवार को भी जारी रहा।
दिनभर दौड़ा टेस्टिंग डीजल इंजन
डीएफसीसी के जिस डाउन ट्रेक पर मालगाड़ी की ट्रॉयल प्रस्तावित है, उस पर दिनभर टेस्टिंग डीजल इंजन दौड़ता रहा। यह डीजल इंजन मदार से फुलेरा तक चलाया गया। यह दिन में कई बार डाउन ट्रेक से गुजरा है।
सिग्नल की बिछाई जा रही है केबल
मंडावरिया से मदार तक सिग्नल आदि की केबल बिछाने का कार्य जारी है। इसमें अधिकांश जगह केबल बिछाई जा चुकी है। वहीं पुराना रेलवे स्टेशन से परासिया डबल फाटक तक इसे बिछाया जा रहा है। इसी प्रकार विद्युतीकरण के लिए खम्भे आदि लगाए जा रहे हैं।





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