जयपुर. बाईस साल की आरती हंसमुख स्वभाव की थी। उसने सुबह पिता को फोन किया और कहा कि आप मुझसे मिलने आ जाओ। पिता ने वादा किया कि आऊंगा। लेकिन, पिता उसके ससुराल पहुंचे तो अवाक् रह गए। वह फंदे से लटकी हुई थी। नीचे पलंग पर उसकी 2 साल की बेटी सोयी हुई थी।
यह हृदयविदारक हादसा गलतागेट थाना क्षेत्र में गुरुवार को हुआ। पुलिस के अनुसार आरती गोवर्धनपुरी में पति अभिषेक जैन के साथ रहती थी। उसके पिता राजेश जयसिंहपुरा खोर स्थित नंदवाटिका में रहते हैं और सीकर हाउस में कपड़े की दुकान पर काम करते हैं। मेडिकल इत्तला पर पहुंची पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच एसडीएम उत्तर को सौंपी गई है।
आखिर घंटेभर में ऐसा क्या हुआ : पिता राजेश ने कहा, रात 8.30 बजे तो आरती ने अपनी मां से बात की ही थी। मैं 9.30 बजे पहुंचा तब तक ऐसा क्या हुआ कि उसने...। गोद में खेली बेटी को यों लटके देख पैरों तले से मानो जमीन खिसक गई। पति अभिषेक ने बताया, शाम 6.30 बजे साथ में बैठकर खाना खाया था।
पिता ने कहा, पैरों तले से जमीन खिसक गई
पिता राजेश ने राजस्थान पत्रिका को बताया, आरती रोजाना सुबह फोन पर अपनी मां से बात करती थी। गुरुवार सुबह फोन मैंने ही उठाया था। वह काफी खुश थी। मुझसे कहा, पापा आज मुझसे मिलने आ जाओ। मैंने कहा, रात को लौटते समय आ जाऊंगा और मैं काम पर चला गया। रात 8.30 बजे आरती ने मां को फिर फोन किया तो मां ने कहा कि पापा 9.30 बजे तक आ जाएंगे। रात 9.30 बजे काम खत्म कर मैं खुशी-खुशी यही सोचते हुए जा रहा था कि दो घड़ी बेटी से बात करूंगा। लेकिन बेटी के ससुराल पहुंचा तो पहली मंजिल पर उसका कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। बाहर आकर दामाद को बताया। फिर दोनों ने जाकर दरवाजा खोला तो वह पंखे से लटकी दिखी। उसे तुरन्त अस्पताल लेकर गए, लेकिन चिकित्सकों ने
मृत बताया।





No comments:
Post a Comment