अलवर. नया साल आते ही सबको लगता है कि इस साल सब कुछ अच्छा होना चाहिए। लेकिन इसके लिए कोई प्रयास नहीं करता लेकिन अलवर का जैन समाज देश में खुशहाली व मंगल के लिए हरदम आगे रहता है। इस बार भी यहां के जैन समाज ने णमोकार महामंडल विधान का आयोजन कर विश्व कल्याण की कामना की समाज की इस पहल का सबने स्वागत किया। इस कल्याणकारी यज्ञ में अलवर के राजस्थान, यूपी, मध्यप्रदेश सहित देश के अन्य भागों से भी श्रद्धालु शामिल हुए। अलवर में सम्पन्न हुआ णमोकार महामंत्र विधान, सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया भाग
हमें जीवन मेें कभी भी धर्म का साथ नहीं छोडऩा चाहिए
विधान के अवसर पर मुनि जिनानन्द ने कहा कि जिस तरह पेड़ का मूल जड़ होती है उसी तरह इंसान के जीवन की मूल जड़ णमोकार महामंत्र है। उन्होंने कहा कि हमें जीवन मेें कभी भी धर्म का साथ नहीं छोडऩा चाहिए ताकि हमारा मनुष्य जन्म सार्थक हो सके। जैन मुनि ने कहा कि जीवन के पाप कर्म को नष्ट करने के लिए हमेशा धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सुबह श्री जी का अभिषेक हुआ। इसके बाद घटयात्रा के साथ सौधर्म इन्द्र विजय कुमार जैन, कुबेर इन्द्र दुलीचन्द जैन सहित अन्य इन्द्रों के पात्र श्रीजी को विधान के पाण्डाल में लेकर पहुंचे। यहां पर मुकेश जैन अपना घर शालीमार की ओर से शांतिधारा की गई तथा श्रद्धालुओं ने अभिषेक किया।
ये हुए आयोजन
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुजन का आना शुरू हो गया। जिन्होंने नृत्य और भजनों के साथ जिनेन्द्र भक्ति की। धर्म जागृति संस्थान शिवाजी पार्क के तत्वावधान में अंजन का निरंजन नाटिका प्रस्तुत की तथा बालिकाओं ने णमोकार मंत्र की महिमा पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान विधान मण्डल पर इन्द्रों के पात्र बने श्रद्धालुओंं ने मंत्रों के साथ अघ्र्य चढ़ाए। विधान के बाद यज्ञ का आयोजन किया गया । जिसमें श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति की कामना को लेकर आहुति दी। कार्यक्रम में अजमेर, जयपुर, दूदू,दिल्ली, मथुरा, आगरा, पलवल, सीकरी, नौगांवा, बड़ौदामेव, थानागाजी आदि स्थानों से भी श्रद्धालुओं ने भाग लिया।





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