हिण्डौनसिटी. कलक्टर द्वारा खाद-बीज के तीन थोक विक्रेताओं के लाईसैन्स सस्पेंड करने के बाद उभरा दुकानदारों का विरोध सोमवार को थम गया। कृषि विभाग के अधिकारियों की समझाईश पर दुकानदारों ने दुकानें खोल ली। विभाग ने पारदर्शिता से खाद वितरण कराने के लिए जिलेभर में खाद-बीज की दुकानों पर कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारियों समेत कुल 123 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। अब कृषि अधिकारियों की निगरानी में एक किसान को अधिकतम दो कट्टा यूरिया खाद ही उपलब्ध कराया जाएगा।
कृषि विभाग के उप निदेशक बीडी शर्मा व सहायक निदेशक मोहनलाल मीणा ने दिनभर शहर की खाद-बीज की दुकानों का निरीक्षण किया। तथा अनुज्ञापत्र धारकों को निर्धारित दर पर किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध कराने की बात कही। सहायक निदेशक ने बताया कि खाद बीज विक्रेताओं को विभाग की ओर से एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया है। खाद की बिक्री के समय दुकानदारों को निर्धारित प्रपत्र में कृषक का नाम, पता, मोबाइल नम्बर के अलावा यूरिया के कट्टों की संख्या लिखनी होगी। इसके साथ ही आधार कार्ड व पीओएस मशीन का उपयोग भी अनिवार्य रहेगा।
11 दुकानों पर3100 कट्टे का स्टॉक-
कृषि विभाग के सूत्रों अनुसार हिण्डौन शहरी क्षेत्र की 11 दुकानों पर फिलहाल 3100 कट्टे यूरिया खाद का स्टॉक है। विभाग की नई वितरण प्रणाली के तहत स्टॉक में उपलब्ध यूरिया से क्षेत्र के 1550 किसानों को आसानी से संतुष्ट किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही यूरिया का एक और रेक आने वाली है, तब तक स्टॉक में उपलब्ध खाद से पूर्ति हो सकेगी।
किसानों का हमदर्द बना ‘पत्रिका’-
कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा द्वारा शनिवार को शहर में खाद-बीज की दुकानों का निरीक्षण कर थोक विक्रेता उत्तम कृषि सेवा केन्द्र, महालक्ष्मी मार्बल्स व हरलाल-सुमेरचंद खाद बीज भंडार का अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिया था। इसके विरोध में रविवार खाद-बीज विक्रेताओं ने दुकाने बंद रखीं। इससे किसानों को हुई परेशानी को राजस्थान पत्रिका ने सोमवार को ‘कलक्टर की कार्रवाई के विरोध मेें बंद रही खाद-बीज की दुकानें’ शीर्षक से प्रकाशित किया। इसके बाद हरकत में आए कृषि विभाग के अधिकारियों ने खाद-बीज विक्रेताओं से समझाईश कर दुकानों को खुलवाया।





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