सवाईमाधोपुर . जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के पीने के पानी की टंकियों में गंदगी एवं दूषित जलापूर्ति के मामले में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग भले ही हरकत में नहीं आया है, लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान पत्रिका के 23 जनवरी के अंक में 'स्कूलों में नौनिहाल पी रहे जहर, जिम्मेदार मूंदे आंखेंÓ शीर्षक से प्रकाशित खबर के आधार पर प्रसंज्ञान लिया है। साथ ही प्राधिकरण की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर दस दिन में जवाब प्रस्तुत करने के लिए तलब किया है। प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश श्वेता शर्मा ने संबंधित विभागों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को दस दिन में कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
सभी स्कूलों के लिए जारी हो आदेश
जिले ज्यादातर स्कूलों में बच्चों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। कमोबेश सभी जगह ऐसे ही हालात है। जानकारों का कहना है कि सभी स्कूलों में शुद्ध पेयजल के पुख्ता प्रबंध होने चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष आदेश भी जारी करना चाहिए। तब जाकर वहां के हालत में सुधार हो सकेगा।
पीडब्ल्यूडी अभियंता को भी दी सुधार के लिए चेतावनी
प्राधिकरण ने पीडब्ल्यूडी अभियंता को जारी किए नोटिस में लिखा है कि विद्यालयों में रखवाई गई टंकियों में पीने के पानी की स्वच्छता एवं टंकियों की मरम्मत का कार्य आपके अधीन होने की स्थिति में यह आपकी जिम्मेदारी है कि विद्यालयों में पीने के पानी स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करवाया जाना सुनिश्चित करें। भविष्य में इस प्रकार की कोताही नहीं रहे।
नोटिस में अफसरों को कड़ी फटकार, दी हिदायत
प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में लिखा है कि राजस्थान पत्रिका सवाईमाधोपुर के दिनांक 23 जनवरी अंक के मुख्य पृष्ठ पर इस जिले के स्थानीय विद्यालयों में बच्चों के पीने के पानी की दुर्दशा बताते हुए उनकी टंकियों की गंदगी एवं टूटी हुई टंकियों के संबंध में रिपोर्ट अंकित की है। जो यह दर्शाता है कि यहां के स्थानीय विद्यालयों में पानी का पानी दूषित सप्लाई किया जा रहा है। जिससे बच्चों के गंभीर बीमारियां होने एवं उनके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव होने का खतरा है। डीईओ को निर्देश दिए कि सभी विद्यालय आपके अधीन होने के कारण यह आपकी जिम्मेदारी है कि उनमें पीने के पानी की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाना सुनिश्चित करें। आप द्वारा उक्त व्यवस्था पर ध्यान न दिए जाने एवं बच्चों के स्वास्थ्य के खिलाफ इस प्रकार के कृत्य के लिए आपको स्पष्ट किया जाता है कि भविष्य में इस प्रकार की कोताही नहीं रहे। उक्त कृत्य के संबंध में आप दस दिन में कारण सहित जवाब लेकर इस कार्यालय में आवश्यक रूप से उपस्थित हों अन्यथा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





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