नई दिल्ली। अमरीका के ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद ईरान के सामने कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। लेकिन इस समय ईरान के सामने सबसे बड़ा संकट जो खड़ा है वो है खाद्य संकट। इसी परेशानी को दूर करने के लिए ईरान लगातार कदम उठा रहा है। ऐसे में अपनी इस परेशानी को कम करने के लिए ईरान ने एक तरीका खोज निकाला है। दरअसल ईरान ने भारत को बासमती चावल के बदले तेल देने के फैसला किया है।
कच्चे तेल का भुगतान बासमती चावल से करेगा भारत
आपको बता दें कि अभी तक भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदता था। तो भारत कच्चे तेल की कीमत डॉलर के बदले रुपए में देता था। लेकिन अब से भारत को कच्चे तेल की कीमत रुपए की जगह चावल के रूप में अदा करनी होगी। वस्तु विनिमय प्रणाली के तहत दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ है। अमरीका ने बीते साल नवंबर में ईरान पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए थे। ईरान पर लगाए इन प्रतिबंधों के बाद कई देशों के सामने ऊर्जा का संकट मंडराने लगा था। जिसके बाद अमरीका ने भारत और 7 अन्य देशों को इस प्रतिबंध से बाहर कर दिया था।
ऐसे करता है भुगतान
भारत और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत तेल भुगतान की राशि को भारतीय रिफाइनरी कंपनियां, नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (एनआईओसी) के यूको बैंक खाते में रुपए के रूप में जमा करती है। मगर ईरान पर लगे प्रतिबंध के कारण ईरान की परेशानियां बढ़ गई । इसलिए दोनों देश ने समझौते में बदलाव कर दिए हैं। अब समझौते में हुए बदलाव के बाद यूको बैंक में जमा इस रुपए से भारत से निर्यात होने वाले सामान का भुगतान किया जाएगा। बता दें कि वह ईरान को अनाज, दवा, मशीन आदि निर्यात करता है।





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