नींद अबूझ पहेली है क्योंकि इसमें थका शरीर आंखें बंदकर सो जाता है लेकिन इस दौरान न दिमाग सोता है और न ही दिल। फेफड़े भी काम करते हैं और किडनियां भी। नींद उतनी ही जरूरी है, जितनी सांसें, खाना और पानी। यानी हमारी जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है नींद। यही वजह है कि नींद पूरी न होने पर हम दिनभर आलस महसूस करते हैं। इसी तरह कुछ बाते हैं जो नींद को बेहद दिलचस्प बनाती हैं, आइए जानें और समझें नींद को।
क्या होता है जब आप सो जाते हैं -
मस्तिष्क रिचार्ज हो जाता है।
कोशिकाएं खुद की मरम्मत करती हैं।
शरीर में जरूरी रसायन हार्माोंस के रूप में निकलते हैं।
आपको अपनी उम्र के हिसाब से नींद लेनी होती है, जो कुछ ऐसे होती है -
2 साल तक 16 घंटे
3 से 12 साल 10 घंटे
13 से 18 साल 10 घंटे
19 से 55 साल 08 घंटे
65 से ज्यादा 6-7 घंटे
हम अपने सपनों में केवल ऐसे चेहरों को देखते हैं जिन्हें हम पहले देख चुके होते हैं, भले ही हम उन चेहरों को याद करें या न करें।
दो पुरुषों के सपनों में 70 प्रतिशत तक समानता हो सकती है, लेकिन महिलाओं के सपने दूसरी महिलाओं से भिन्न होते हैं।
पैरासोमनिया नींद की एक ऐसी बीमारी है जिसमें सोता हुआ इंसान अजीब हरकतें करता है। कई बार इस बीमारी में लोग अपराध भी कर जाते हैं, जैसे कि...
सोते-सोते गाड़ी चलाना
गलत और अपमानजनक लेखन
मर्डर
यौन शोषण
बच्चों पर अत्याचार आदि
12 प्रतिशत लोग जो सपने देखते हैं, वे केवल ब्लैक एंड व्हाइट होते हैं। दिलचस्प है कि रंगीन टीवी के कारण श्वेत-श्याम सपनों में कमी आई है और लोग अब ज्यादा रंगीन सपने देखने लगे हैं। सोने की स्थिति या मुद्रा तय करती है कि आपका व्यक्तित्व कैसा होगा। दुनियाभर में प्रत्येक 4 दंपतियों में से एक जोड़ा अलग-अलग बिस्तर पर सोता है। दुनियाभर में 50 में से एक बच्चे में सोते समय बिस्तर गीला करने की आदत होती है।
सबसे कम सोने वाले प्रमुख जानवर -
जिराफ : 5 से 10 मिनट के टुकड़ों में प्रतिदिन 1-2 घंटा सोता है।
रो डीयर : प्रतिदिन 3-4 घंटे सोता है।
एशियाई हाथी : प्रतिदिन 3-4 घंटे सोता है।
सबसे ज्यादा सोने वाले -
प्रमुख 3 जानवर -
कोआला : प्रतिदिन 22 घंटे सोता है।
ब्रॉउन बैट: 19-20घंटे सोती है।
पैंगोलिन : प्रतिदिन गहरी नींद में 18 घंटे तक सोता है।
डॉल्फिन मछली जब सोती है तो उसका केवल आधा मस्तिष्क सोता है। बाकी का आधा मस्तिष्क उसे सांस लेने में मदद करता है।
नींद से जागने के मात्र 5 मिनट में हम अपने सपनों की 50 प्रतिशत बातों को भूल जाते हैं। 10 मिनट के बाद तो लगभग 90 प्रतिशत सपना भूल जाते हैं।
अगर आपको नींद न आने की समस्या है तो रात को अच्छी किताबें या मैग्जीन पढ़ें। सोने से पहले चाय या कॉफी की आदत से बचें और डिनर हल्का ही करें। अपने सोने का एक समय तय कर लें और प्रयास करें कि रोजाना उसी समय पर सो जाएं। देर रात तक टीवी देखने या कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि पर काम करने से बचें। फिर भी सुधार न हो तो विशेषज्ञ की सलाह लें।





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