अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. शिक्षकों के परिजनों के बीमार होने व अन्य आपदा में सहायता के लिए हितकारी निधि का एक खाता बनाया गया। इसमें शिक्षकों के वेतन से कुछ राशि कटौती की जाती है। अब शिक्षक संघ का आरोप है कि विभाग हितकारी निधि के रूप में वर्षों से पैसे काट रहा है लेकिन किसी को भी इसका लाभ नहीं दिया गया। यहां तक की शिक्षकों को यह भी पता नहीं है कि उनके खाते में अबतक कितने रूपए जमा हुए हैं। हालांकि शिक्षा विभाग का कहना है कि राशि सरकार के पास है, शिक्षक के पास इसकी रसीद है, तो वह क्लेम कर सकता है। इसवर्ष से इसे ऑनलाइन कर दिया गया है, जिसकी जानकारी पेमैनेजर पर उपलब्ध है, लेकिन पिछली राशि कितनी है, इसकी जानकारी नहीं है।
ऐसे मिलता है क्लेम
सेवा में रहते समान्य निधन पर एकमुश्त 5० हजार की, दुर्घटना से निधन होने पर डेढ़ लाख रुपए आश्रित के आवेदन करने पर दी जाती है। साथ ही विभागीय कर्मचारी/अधिकारियों के परिवार के किसी सदस्य के गम्भीर बीमार होने, कैंसर, लकवा, हृदयघात क्षयरोग एवं दीर्घावधि तक चिकित्सालय में भर्ती रहकर इलाज करवाने पर 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।
आजतक नहीं मिली रसीद
दिसम्बर माह में शिक्षकों के खाते से हितकारी निधि काटी जाती है। किस शिक्षक से कितनी राशि काटी गई, यह कहां जमा की गई, इसकी कोई जानकारी नहीं है। यहां तक की जमा करते समय कोई रसीद तक नहीं दी जाती, जब रसीद ही नहीं है तो कोई क्लेम कैसे करेगा। अब बताया जा रहा है कि इसे ऑनलाइन किया गया है, अब संबंधित शिक्षक अपनी राशि देख सकेगा, तो वर्षों से जो राशि हमने जमा की है उसका क्या हुआ, वह कहां गई।
योगेंद्रसिंह झाला, शिक्षक संघ शेखावत, राजसमंद
ऑनलाइन किया गया है...
इस वर्ष से हितकारी निधि को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसे पेमैनेजर पर देखा जा सकता है। पिछली राशि कहीं गई नहीं है, सरकार के पास है, कोई भी रसीद दिखाकर क्लेम कर लाभ ले सकता है।
भरत कुमार जोशी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक, राजसमंद





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