लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
भाटोली मुख्य गांव के लिए स्वीकृत सीसी सड़क का निर्माण बागरिया बस्ती के पास निजी खातेदारी जमीन कर लाखों रुपए का भुगतान उठा लिया। गंभीर हेराफेरी उजागर होने के बाद प्रशासन की प्रारंभिक जांच में ही निजी जमीन पर सड़क बनाना स्पष्ट हो गया। इससे ठेकेदार की सरपंच- सचिव से मिलीभगत कर धांधली खुलकर सामने आ गई।
जानकारी के अनुसार जिला परिषद से वर्ष 2016-17 में एसएफएसी योजना के तहत चौथा बागरिया के मकान से नाड़ी होते हुए मदनलाल देराश्री के मकान तक नाली व सीसी रोड के लिए पांच लाख रुपए स्वीकृत हुए। इस पर ग्राम पंचायत ने निर्धारित जगह की बजाय बागरिया बस्ती में कुछ लोगों की खातेदारी जमीन में सीसी सड़क का निर्माण करवा दिया और ग्राम पंचायत के खाते से ठेकेदार ने भुगतान उठा लिया। ठेकेदार के साथ सरपंच-सचिव की अनियमितता सामने आने के बाद कुंतेश्वर देराश्री, धरणीप्रकाश देराश्री व महेशचंद्र देराश्री ने जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल को शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि सड़क का निर्माण पूर्व सरपंच व ठेकेदार माधवलाल गाडरी द्वारा किया गया। कलक्टर के आदेश पर उपखंड अधिकारी प्रवीण कुमार व पंचायत समिति राजसमंद के विकास अधिकारी मधुसूदन द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सीसी सड़क का निर्माण खातेदारी जमीन में होना सामने आया। प्रशासन के आदेश पर भाटोली पटवारी ने निर्मित सीसी सड़क की नपती कर मौका रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को पे्रषित कर दी।
नाली का नहीं किया निर्माण
जिला परिषद से स्वीकृत सीसी सड़क के साथ नाली का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस पर ग्राम पंचायत ने सीसी सड़क तो दूसरी बनवा दी, मगर नाली का निर्माण नहीं किया गया। कार्य पूर्ण होने के बाद मौके पर लिखित कार्य की सूचना में व्यय राशि का ब्यौरा ही अंकित नहीं किया गया है।
खातेदारी में बनाई सड़क
बागरिया बस्ती के पास जो सीसी सड़क का निर्माण हुआ है, वह निजी खातेदारी की जमीन है। करीब पांच सौ मीटर लम्बी सड़क बनी है।
राजेश, पटवारी भाटोली





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