अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद . वनविभाग द्वारा करवाई जा रही छह दिवसीय पक्षी गणना शनिवार से शुरू हो गई। पहले दिन देवगढ़ के कुंडेली बांध, राघव सागर और सोपरी बांध में एक दर्जन से अधिक गणकों ने गणना की। पहले दिन ही एक दर्जन से अधिक प्रजातियों के देसी-विदेशी पक्षी नजर आए। देवगढ़ में पाइड एबोसेट भी नजर आया। गणकों ने बताया कि यह पक्षी काफी देवगढ़ जैसी जगह में बहुत कम नजर आते हैं। रविवार को राजसमंद में तालाबों में गणना की जाएगी।
सुबह 7 बजे से ही गणक वीरभद्रसिंह, रघुवीरसिंह शेखावत, कौशलेंद्रसिंह चुंडावत, डीएफओ फतेहसिंह राठौड़, प्रतापसिंह चुंडावत, हिमांशुसिंह, नरेंद्र पालीवाल, मनीष सोनी, मंगलसिंह आदि तालाबों के किनारे बैठे तथा पक्षियों की गणना शुरू की। इस दौरान उन्हें बड़ी संख्या में पेलिकन, फ्लेमिंगो, पाइड एबोसेट कॉमन टेल, पिनटेल, पन-कौआ, ओसपे्र सहित करीब एक दर्जन देसी-विदेशी पक्षी नजर आए। गौरतलब है कि जिले में पिछले सालों हुए बर्ड फेयर में कौमन कूट, कौमन पोचार्ड, रिवर्टन, गेडवाल, स्पाट विल, गौड़ विट, पन-कौआ, गजपांव, जलमोर, खंजन,जल मुर्गी, किंगफीसर, डबचिक, पिनटेल आदि दिखे थे। जबकि फ्लेमिंगो, पेलिकन लम्बे समय से नजर नहीं आ रहे थे।
6 दिन में पूरे डिवीजन में होनी है गणना
पक्षी गणना राजसमंद डिविजन के करीब १ दर्जन तालाबों राजसमंद झील, राज्यावास तालाब, गोवलिया पिकअप, लाखेला तालाब, राघव सागर तालाब, कुंडेली, सोपरी के साथ ही जिले के अलावा पाली के भी कुछ तालाब है,
वन्यजीव गणना की तरह गणक इनकी भी गतिविधियां व पक्षी का नाम दर्ज करते हैं।
राजसमंद में होगी गणना
पक्षी गणना के दूसरे दिन रविवार को राजसमंद झील व राज्यवास आदि जगह गणना होनी है। गणक सुबह 7 बजे से 10 बजे तक यहां बैठकर गणना करेंगे।
लम्बे समय से नजर नहीं आया पाइड एबोसेट
गणकों ने बताया कि राजसमंद झील आदि स्थानों में लम्बे समय से पाइड एबोसेट, फ्लेमिंगो, पेलिकन जैसे पक्षी नजर नहीं आ रहे थे, लेकिन देवगढ़ में जब पक्षी गणना हुई तो एक पाइड एबोसेट और बड़ी संख्या में पेलिकन और फ्लेमिंगो नजर आए हैं। अभी गणकों को किंगफिसर की तलास है, क्योंकि वह भी लम्बे समय से जिले में नहीं देखा गया है।





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