अलवर. रामगढ़ के विधानसभा चुनाव में नाडक़ा गांव निवासी 70 साल की लक्ष्मी को वोट डालने लाया गया तो लगा कि यह सबसे बड़ा वोट है। जिसमें लोकतंत्र की असली ताकत झलकती है। बुजुर्ग महिला लक्ष्मी इतनी बीमार हैं कि चारपाई से हिल भी नहीं पाती। फिर भी उनके परिवार के लोग लक्ष्मी को चारपाई सहित पिकअप में लेकर मतदान केन्द्र पर पहुंच गए। शाम करीब पौने पांच बजे परिजन लक्ष्मी को लेकर मतदान केन्द्र पहुंचे।
पांच जनों ने लक्ष्मी को चारपाई सहित पिकअप से उतारा। फिर कुछ लोगों ने चारपाई के चारों पाए उठाए। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी सहयोग किया। मतदान कक्ष में भी लक्ष्मी को चारपाई सहित ही अंदर ले जाया गया। कक्ष के दरवाजे से चारपाई को अंदर ले जाने में भी थोड़ी मशक्कत हुई। फिर ईवीएम मशीन के सामने लक्ष्मी को चारपाई पर ही ले जाया गया। मतदान दल कर्मी ने जैसे ही वोट डालने के लिए कहा तो लक्ष्मी के परिवार के सदस्य ने उनका हाथ पकडकऱ ईवीएम की तरफ ले जाने का प्रयास किया। लेकिन उनका हाथ चारपाई तक नहीं पहुंचा। इसके बाद चारपाई को और आगे खिसकाने का प्रयास हुआ। लक्ष्मी की शारीरिक हालात ऐसी है कि उनको पकडकऱ इधर-उधर भी नहीं खिसकाया जा सकता।
आखिर में मतदान दलकर्मियों ने यही निर्णय किया कि उनके साथ आया एक व्यक्ति वोट डाल सकता है। उसके बाद लक्ष्मी का वोट डाला गया। इससे पहले उनकी अंगुली पर स्याही भी लगाई गई। वोट डालने के बाद अंदर से शारीरिक कष्ट झेल रही लक्ष्मी के चेहरे पर लोकतंत्र के उत्सव में भाग लेने की मुस्कुराहट भी दिखी। इसके बाद लक्ष्मी को चारपाई सहित वापस पिकअप के जरिए घर भिजवाया गया। लक्ष्मी का वोट डाले जाने के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी व मतदान दलकर्मियों को भी खुशी का अहसास हुआ।





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