भीलवाड़ा।
मंत्री तो कई बने है। जो मंत्री काम नहीं करा सकते है, उनसे ज्यादा काम सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सीएम डिप्टी सीएम व मंत्रिमण्डल से करवाने का हौसला हम में है। कार्यकर्ताओं की जितनी भी उम्मीदें है, वह पूरे करूंगा। सहाड़ा क्षेत्र में विकास की गंगा खूब बहेगी। यह कहना है सहाड़ा के नवनिर्वाचित विधायक कैलाश त्रिवेदी का। उनका कहना था कि किसे और क्यों मंत्री बनाना है। किस इलाके को मजबूत करना है, यह मुख्यमंत्री के क्षेत्राधिकार का मामला है। सहाड़ा से तीन बार विधायक चुने जाने के बाद समर्थकों को उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है। पत्रिका से त्रिवेदी ने विशेष बातचीत की।
सवाल: पांच साल की क्या कार्य योजना है?
प्रदेश में पूर्व में सहकारिता क्षेत्र में कांग्रेस सरकार ने सहाड़ा क्षेत्र को बहुत कुछ दिया था। सभी ग्राम पंचायतों में सहकारी समितियां खोली। किसानों को सुविधाएं दिलाई, लेकिन गत पांच वर्ष में भाजपा सरकार ने सहकारिता क्षेत्र में कुछ नहीं किया। चुनाव तक नहीं हुए। चिकित्सा व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पांच वर्ष में चिकित्सा सुविधा नहीं बढ़ी। यही हाल शिक्षा, सड़क, परिवहन क्षेत्र का है। ग्रिड सब स्टेशन मंजूर होने के बावजूद पांच साल में नहीं शुरू हो सके।
क्षेत्र में पलायन की स्थिति क्यों बन रही है?
राज्य की गत सरकार की खनन नीति से रोजगार की कमी हुई। कच्चा माल गुजरात जाने से क्षेत्र में खनिज औद्योगिक इकाई को प्रोत्साहन नहीं मिला। कई इकाइयां बंद हो गई। कांग्रेस सरकार पुन: खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देगी। आईटीआई स्वीकृत होने के बावजूद शुरू नहीं हो सकी। गत केन्द्र सरकार ने दिल्ली-मुम्बई कोरिडोर को वाया सहाड़ा मंजूर की थी, लेकिन गत पांच साल में केन्द्र व प्रदेश सरकार ने कुछ नहीं किया।
क्षेत्र की प्यास कब बुझेगी?
चम्बल परियोजना का पानी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव, ढाणी मजरे को मिले, इसके लिए पांच वर्ष पूर्व ही कांग्रेस शासन में कार्य योजना बन चुकी थी। प्रथम चरण का कार्य भी सहाड़ा से शुरू हुआ, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही काम रुक गया, अब क्षेत्र में परियोजना को लेकर प्रभावी काम होगा और कोई क्षेत्र प्यासा नहीें रहेगा। उद्योगों को भी पानी मिलेगा।
हमीरगढ़ हवाई अड्डा व अभयारण्य कहां अटके हैं?
गंगापुर-नाथद्धारा रेलवे लाइन के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री सीपी जोशी ने सर्वे कार्य करवाया था, लेकिन मौजूदा केन्द्र सरकार ने कुछ नहीं किया। हमीरगढ़ हवाई पट्टी को हमीरगढ़ हवाई अड्डे का दर्जा और हमीरगढ़ वन क्षेत्र को अभयारण्य घोषित करने की फाइल पांच साल से अटकी है। इनके लिए कार्य होंगे। भरक माता समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास होगा।
आप अच्छे खिलाड़ी भी रहे।
वॉलीबॉल में राष्ट्रीय खिलाड़ी रहा। कई मौकों पर कप्तानी भी संभाली। स्मार्ट बालक व युवा बनने के लिए जरूरी है कि खेल भावना बचपन से आए, ताकि देश को अच्छे खिलाड़ी व मजबूत आला अधिकारी मिलें। खेल नीति अच्छी बने, इसके लिए प्रयास करूंगा।
कला, संस्कृति के बारे में क्या कहना है।
जीवन में संस्कृति, कला व क्षेत्र की पहचान का समावेश जरूरी है, इससे व्यक्तित्व और कार्य शैली में भी निखार आता है, मुझे याद नहीं है कि अंतिम फिल्म कब देखी थी, लेकिन नाटक से लगाव रहा है।
सेहत के प्रति कितने गंभीर हैं?
सेहत के प्रति सदैव जागरूक व गंभीर रहा हूं। खाने का समय भी तय है। चुनाव के दौरान रोजाना गांवों में 30 किमी से अधिक पैदल घूमा।





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