सूरवाल. रामड़ी गांव के पास सूरवाल बांध के दलदल में सोमवार सुबह मादा पैंथर का शव मिला। सबसे पहले लोगों ने पैंथर को मृत अवस्था में देखा। थोड़ी ही देर में यहां काफी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर मानटाउन थाना पुलिस और वन अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा वनकर्मियों द्वारा मृत पैंथर को बाहर निकाला गया। रामड़ी गांव के बाबूलाल मीना सहित अन्यों ने बताया कि सोमवार को वे अपने खेतों की ओर गए तो उन्होंने बांध के किनारे पानी और दलदल के बीच वन्यजीव पड़ा देखा। एक बारगी तो वन्यजीव को देख सभी भयभीत हो गए, लेकिन उसके शरीर में कोई गतिविधि नहीं होने से लोगों को उसके मृत होने की आशंका हुई। इस पर पास जाकर देखा तो पैंथर बांध के खेतों की ओर बहाव क्षेत्र के दलदल में मृत अवस्था पड़ा था। लोगों की सूचना पर मानटाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थोड़ी देर बाद वन अधिकारी सीआर मीना, वनकर्मियों जगराम, ताराचंद, चौथमल, जसकरण, राजाराम, शिवराम, बाबूलाल के साथ पहुंचे। वनकर्मियों ने उसे बांध के पानी से बाहर निकाला। संभावना जताई जा रही है कि मादा पैंथर ने सीमेंट फैक्ट्री की ओर से सूरवाल बांध होते हुए रामड़ी गांव की ओर मूवमेंट किया था तथा बांध के पानी और दलदल से निकलने के लिए पैंथर ने संघर्ष भी किया, लेकिन निकल नहीं पाने के कारण इसने वहीं दम तोड़ दिया। वन अधिकारी सीआर मीना ने बताया कि मादा पैंथर का शव तीन-चार दिन पुराना है। उस समय खेतों में बांध के पानी का अधिक फैलाव होने से यह किसी को नजर नहीं आया। दोपहर बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को पशु चिकित्सालय सवाई माधोपुर लाया गया।
कई गांवों में था इस पैंथर का भय
बताया जा रहा है इस पैंथर ने कई गांवों की ओर मूवमेंट किया था। सीमेंट फैक्ट्री, सूरवाल के मेहराव की बीड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में इसका मूवमेंट रहा था। मेहराव की बीड़ी गांव में पूर्व सरपंच की बकरियों को पैंथर अपना शिकार बना चुका है। यहां से यह मथुरापुर, गोठड़ा के क्षेत्र में होते हुए सूरवाल बांध में जा पहुंचा। करीबन तीन किमी तक बांध में इसने सफर किया लेकिन रामड़ी की ओर मूवमेंट के दौरान यह खेतों में फैले पानी के दलदल में जा फंसा।





No comments:
Post a Comment