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मेडिकेटेड नशे के खिलाफ पुलिस ने शुरू किया जागरुकता अभियान, कालिया गांव में लगाया शिविर

लोगों को समझाया कि युवाओं पर रखें नजर

श्रीगंगानगर. मेडिकेटेड नशे से मुक्ति के लिए एक तरफ जहां जिले में धरपकड़ व तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं अब गांवों में पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए रविवार को समीप के गांव कालिया में जागरुकता शिविर लगाया गया। ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। वहीं ग्रामीणों ने भी नशामुक्ति के लिए पुलिस का पूरा साथ देने का वायदा किया है।

सीओ सिटी रोशन कुमार पटेल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक हेमंत शर्मा के निर्देश पर जिले में मेडिकेटेड नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें एक तरफ धरपकड़ व तलाशी अभियान चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ अब जागरुकता अभियान भी शुरू किया गया है। इसके लिए रविवार को कालिया गांव में शिविर लगाया गया। यहां सीओ सिटी, सदर थाना प्रभारी राजेश सिहाग, ड्रग कंट्रोल विभाग के इंस्पेक्टर आदि को लेकर गांव पहुंचे थे। जहां सरपंच, उपसरपंच, पटवारी, ग्राम सेवक को भी बुलाया गया। इस दौरान शिविर में काफी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुषों ने भी हिस्सा लिया था। इस दौरान ग्रामीणों से नशे के दुष्प्रभावों व उसकी रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। लोगों को बताया कि नशा छुड़ाने व नए युवा इस तरफ ना जाएं। इसलिए परिजनों की उनकी संगत व गतिविधियों पर नजर रखनी होगी और यदि वे किसी तरह का नशा करते हैं तो उनकी काउंसलिंग कराई जाए। जिससे वे नशा छोड़ सकें। गांव में नशा उपलब्ध कराने वाले लोगों की सूचना भी पुलिस को तत्काल दी जाए। जिससे समय रहते कार्रवाई अमल में लाई जा सके। ग्रामीणों को गांव को नशामुक्त कराए जाने का संकल्प भी दिलाया गया।

ग्रामीणों ने मांगे दो सिपाही व पुलिस गश्त

- शिविर के दौरान कालिया गांव के लोगों ने गांव में नियमित गश्त बढ़ाने व दो पुलिसकर्मियों को कुछ समय के लिए गांव में अस्थायी रूप से रखे जाने की मांग की गई। जिससे गांव में नशा प्रवेश ही ना कर सके और नशा बेचने वालों को पकड़वाया जा सके। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की दोनों मांगों को मान लिया है। पुलिस गश्त रविवार से शुरू कर दी गई है तथा सोमवार को वहां दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया जाएगा।

इनका कहना है

जागरुकता के साथ ही होगी छापामारी कार्रवाई

- मेडिकेटेड नशा की रोकथाम व जिले को नशा मुक्त करने के लिए पुलिस की ओर से लगातार आकस्मिक छापे की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस को जहां संदेह होगा। वहीं छापे मारे जाएंगे और नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर किया जाएगा। जिसकी शुरूआत हो चुकी है। अवैध शराब बेचने व अवैध ब्रांचों पर भी कार्रवाई होगी। रात आठ बजे बाद शराब नहीं बिकने दी जाएगी।

हेमंत शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर



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