चिकित्सालय में गंदगी देख भड़कीं कलक्टर, सफाई ठेकेदार को फटकारा
सफाई के लिए दिए निर्देश, रिकॉर्ड संधारण भी करें ठीक
धौलपुर. जिला कलक्टर नेहा गिरी शनिवार को औचक निरीक्षण पर जिला अस्पताल जा पहुंची। इस दौरान जगह-जगह फैली गंदगी को देखकर भड़क गई और सफाई ठेकेदार को फटकार लगाई। सफाई ठेकेदार ने कहा कि उसके पास जिम्मेदारी अभी आई है, लेकिन कलक्टर बोलीं-इससे कोई सरोकार नहीं है, कितना टाइम हुआ, सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। वहीं चिकित्सालय में रिकॉर्ड संधारण संतोषजनक नहीं मिलने पर भी पीएमओ को ठीक कराने के लिए निर्देशित किया। वहीं फीमेल, मेडिकल वार्डों में फालतू बैठे तीमारदारों को देख नाराजगी जताई। वहीं दिन में ही लाइट्स की पर्याप्त व्यवस्था नहीं देख हतप्रभ रह गईं। उनका कहना था कि जब दिन में यह हालात हैं तो रात को काफी दिक्कत होती होगी। इस दौरान उन्होंने नर्सिंग स्टाफ के बैठने तथा चिकित्सकों की ड्यूटी टाइम की जानकारी ली। वहीं मरीजों का अच्छे से इलाज करने की बात कही। पानी की कमी को देखते हुए कलक्टर ने कहा कि चिकित्सालय में पानी के अच्छे स्रोत हंै, लेकिन उनका रख-रखाव नहीं होने के कारण पानी शुद्ध नहीं रह पाता है और इससे लोग पीने से कतराते हैं। उन्होंने चिकित्सालय में जगह-जगह लगे जाले, परिसर में घूमते आवारा पशुओं को देख नाराजगी जताई। साथ ही नगरपरिषद आयुक्त को मोबाइल पर भी इनके पकड़वाने तथा सफाई कराने के निर्देश दिए। कलक्टर ने कहा कि अधिकांश मरीज जिला अस्पताल में आते हंै, जिससे अच्छा इलाज हो सके। इसके लिए प्राथमिकता में निरीक्षण किया। इस दौरान सफाई की कमी देखी गई, कई जगह जाले तथा कूड़ा मिला है। वहीं संसाधनों के रखरखाव तथा लाइट् की कमी दिखाई दी। रिकॉर्ड के संधारण कम है। पानी के स्रोत हैं। लेकिन स्रोत साफ नहीं होंगे तो दूषित होने का खतरा रहता है। आवारा पशु पकड़वाने के लिए आयुक्त को कहा गया है। वहीं चिकित्सालय का उनके अलावा नगरपरिषद या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जाएगा। जिससे नियमित फॉलोअप होता रहे। उनका कहना था कि यहां पर काफी सुविधाएं हैं, अगर इनको अच्छी तरीके से मेंटेन किया जाए तो मरीजों को सुविधाए मिल सकती हंै। इस दौरान पीएमओ जर्नादन सिंह परमार भी मौजूद रहे।
महिला वार्ड रात में नहीं आए पुरुष
जिला कलक्टर ने पीएमओ को निर्देशित किया कि रात्रि में महिला या प्रसूति वार्डों में पुरुषों का प्रवेश वर्जित रहना चाहिए। हालांकि केस बाई केस के अनुसार प्रवेश दिया जा सकता है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। इससे अन्य महिला मरीजों को असुविधा हो सकती है। साथ ही पर्याप्त तौर पर गार्ड की व्यवस्था कराने को कहा। वहीं पुलिस को भी रेण्डमली रात्रिकालीन गश्त कराने की बात कही।





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