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प्रदेश के हजारों बेरोजगारों ने सरकार को बताई अपनी पीड़ा, खबर में जाने क्या है मामला

सीकर.

प्रदेश के 26 हजार चयनित बेरोजगारों की सरकार के प्रयास के साथ न्यायालय की कार्रवाई पर नजर है। बेरोजगारों ने अपने भविष्य से जुड़े इस मामले मजबूत पैरवी करवाने का सरकार से आग्रह किया है। रीट प्रथम लेवल की राजस्थन उच्च न्यायालय में नौ जनवरी को तारीख के चलते बेरोजगार युवक सोमवार को जयपुर पहंच गए। युवकों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में सरकार की तरफ से मजबूत पैरवी करवाने की मांग की है। चयनित बेरोजगारों का कहना है कि सरकार से उन्हें जल्द नौकरी दिलवाने का आश्वासन मिला है। गौरतलब है कि रीट प्रथम लेवल के मामले में नौ महीने से चयनित बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल पा रही है। दूसरी तरफ प्रदेश के सरकारी स्कलों में शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ बेरोजगारों का कहना है कि सरकार ने जिस तरह से गणित-विज्ञान के मामले में सकारात्मक ढंग से पैरवी कर नौकरी दिलाई उसी तरह प्रथम लेवल में पैरवी कराई जाए तो उनका भविष्य सुखद हो सकता है।
अब तक क्या हुआ
रीट प्रथम लेवल के मामले में चयनितों को पिछली सरकार के समय जिला व स्कूल आवंटन हो चुका है। इस मामले को सिंगल बैंच से हरी झंडी मिल चुकी थी। लेकिन उस दौरान आचार संहिता लगने के कारण चयनितों को निुयक्ति नहीं दी सकी। इसके बाद मामला डबल बैंच में चला गया। चुनावी समर में कांगे्रस ने चयनितों को नौकरी दिलाने का वादा किया था।
चयनितों ने किया उप मुख्यमंत्री का स्वागत
शेखावाटी के चयनित बेरोजगारों ने राजस्थान बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव की अगुवाई में नौ जनवरी को होने वाली सुनवाई में मजबूत पैरवी के लिए उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मुलाकात की। इस दौरान रीट प्रथम लेवल के चयनितों ने जल्द नियुक्ति देने की भी मांग की। बेरोजगारों ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले कई महीनों से यह भर्ती न्यायालय में लंबित है। इस कारण बेरोजगारों को स्कूल आवंटन के बाद भी नौकरी नहीं मिल सकी है।
रीट द्वितीय लेवल: विशेष शिक्षा में सरकार ने नहीं दिया जवाब
रीट द्वितीय लेवल में सभी चयनितों को नौकरी मिल चुकी है। लेकिन विशेष शिक्षा के चयनितों को न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण नौकरी नहीं मिल पा रही है। खास बात यह है कि एक वर्षीय और दो वर्षीय पाठ्यक्रम के विवाद में सरकार ने अपनी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया था। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया। अब सरकार अक्टूबर महीने से इस मामले में कोई जवाब पेश नहीं कर सकी। इस कारण चयनितों की नौकरी की राह अटकी हुई है।
सरकार का जवाब पेश, जल्द हो सकता है फैसला
रीट प्रथम लेवल के मामले में न्यायालय में सुनवाई हो चुकी है। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से जवाब भी पेश कर दिया गया है। चयनित बेरोजगारों का कहना है कि नौ जनवरी की तारीख इस मामले की दिशा तय करेगी। इसके बाद कभी भी उच्च न्यायालय का इस मामले में फैसला आ सकता है। न्यायालय का फैसला बेरोजगारों के पक्ष में गया तो 26 हजार चयनित बेरोजगारों का भविष्य सुखद होगा।

 



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