दहेज प्रकरण भी बीते साल में अधिक हुए दर्ज
श्रीगंगानगर. महिलाओं पर अत्याचारों से संबंधित प्रकरणों में पिछले सालों की तुलना में वर्ष 2018 में बढ़ोतरी हुई है। जिसमें बलात्कार, भगाकर ले जाने व दहेज प्रताडऩा के प्रकरण शामिल हैं। जबकि पोस्को एक्ट के संबंधित एक ही मामला पूरे साल में दर्ज हुआ।
शहरी क्षेत्र के महिला संबंधी अपराधों के लिए महिला थाना है। शहर के कोतवाली, पुरानी आबादी, जवाहरनगर व सदर थाना इलाके के महिला अत्याचार से संबंधित मामले दर्ज होते हैं। जहां वर्ष 2017 की तुलना में दहेज प्रताडऩा में दर्ज होने वाले प्रकरणों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में दहेज प्रताडऩा के जहां 117 प्रकरण दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2018 में 156 प्रकरण दर्ज किए गए। जो पिछले साल की तुलना में 39 प्रकरण अधिक हैं। इसके अलावा बलात्कार के प्रकरण भी अधिक दर्ज किए गए हैं। जहां वर्ष 2017 में बलात्कार के 20 प्रकरण दर्ज हुए, वहीं वर्ष 2018 में 33 प्रकरण दर्ज किए गए। महिलाओं को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में महिलाओं को भगाकर ले जाने के 10 मामले दर्ज हुए थे लेकिन 2018 में 19 प्रकरण दर्ज हुए।
पोस्को एक्ट में आई कमी
- वर्ष 2018 में पोस्को एक्ट के प्रकरणों में काफी कमी आई है। वर्ष 2017 में पोस्को एक्ट के तहत 6 प्रकरण दर्ज हुए थे लेकिन बीते साल मात्र एक ही प्रकरण पोस्को एक्ट का दर्ज हुआ है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि पोस्को एक्ट के प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई के चलते यह कमी आई है।
मामूली विवादों से दरक रहे परिवार
- मामूली घरेलू झगड़े धीरे-धीरे इतना बड़ा रूप ले लेते हैं कि परिवार दरकने लगते हैं और मामला पुलिस थाने व अदालत तक पहुंचा जाता है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि दर्ज हुए प्रकरण ऐसे हैं, जिसमें पीडि़त पक्ष की ओर से अदालत में इस्तागासा के जरिए प्रकरण दर्ज कराए हैं। इसके अलावा पीडि़त पक्ष की ओर से समझाइस की प्रक्रिया से गुजरने से ही मना कर दिया गया हो। इसके चलते प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं।





No comments:
Post a Comment