जिला कलक्टर के निरीक्षण एवं नहरी तंत्र की जानकारी लेने के बाद भी स्थिति जस की तस
श्रीगंगानगर. गंगनहर की रेग्यूलेशन कमेटी को एच नहर के किसानों ने कठघरे में खड़ा कर सदस्यों पर जल वितरण में मनमर्जी करने का आरोप लगाया है। जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर गंगनहर के खखां और शिवपुर हैड का निरीक्षण करने और नहरी तंत्र की जानकारी लेने के ठीक एक दिन बाद गुरुवार को एच नहर के किसानों ने अधीक्षण अभियंता का घेराव कर वही पुराने आरोप दोहराए जो जल वितरण को लेकर अक्सर लगते रहे हैं।
एच नहर के अध्यक्ष परविन्द्र सिंह और पूर्व अध्यक्ष रामकुमार सहारण के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता का घेराव करने वाले किसानों का आरोप था कि रेग्यूलेशन कमेटी के सदस्य जल वितरण में मनमर्जी कर रहे हैं। एच नहर के अध्यक्ष का कहना था कि गंगनहर में 1820 क्यूसेक से अधिक पानी उपलब्ध होने पर 3 जनवरी को वरीयताक्रमानुसार एच नहर को चलाना था।
अब गंगनहर में 2500 से अधिक पानी उपलब्ध होने के बावजूद किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। रेग्यूलेशन कमेटी के सदस्यों के दबाव में जल संसाधन विभाग के अधिकारी वरीयताक्रम को तोडकऱ दूसरी नहरों को चला रहे हैं, जिससे एच नहर पर किसानों की फसलें बरबाद हो रही है।
एफ नहर पर मेहरबान
किसानों का आरोप था कि रेग्यूलेशन कमेटी के सदस्यों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी से एफ नहर के प्रभावशाली किसानों को पहले की भांति लाभ दिया जा रहा है। दूसरी नहरों के किसानों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
एमएल को बंद किया
श्रीगंगानगर. एमएल माइनर को गुरुवार दोपहर बंद करने पर इस माइनर से सिंचाई सुविधा लेने वाले किसान हैरान हैं। इस माइनर को जिला कलक्टर के खखां और शिवपुर हैड का निरीक्षण करने के कार्यक्रम को देखते हुए बुधवार को छोड़ा गया था। किसानों ने इस मायने में कलक्टर के दौरे को अपने लिए फायदेमंद माना।
लेकिन गुरुवार को फायदे का सौदा घाटे में तब्दील हो गया। किसानों ने बताया कि गंगनहर में 2500 क्यूसेक पानी उपलब्ध होने पर भी माइनर को दोपहर 12 बजे बंद कर दिया, जिससे गुरुवार और उससे आगे के वारों के किसान सिंचाई सुविधा से वंचित हो गए।





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