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मौके पर बूंद-बूंद संयत्र नहीं और उठा लिया पैसा: कार्मिक विभाग ने दो साल बाद माना, उद्यान अफसरों ने किया घोटाला, आरोप पत्र जारी

 

भीलवाड़ा।

 

किसानों के खेतों में बूंद-बूंद परियोजना के अनुदान के नाम पर भीलवाड़ा व चित्तौडग़ढ़ में अधिकारियों ने घोटाला किया है। विभागीय जांच के बाद अब कार्मिक विभाग ने भी इसे सही माना। विभाग ने इस मामले में अधिकारियों को आरोप पत्र थमाया है। अनुदान घोटाले में एसीबी में शिकायत दर्ज और अधिकारी को निलम्बन के बाद आरोप पत्र थमाने से फिर हलचल मच गई है।

 

बड़ी बात यह है कि यह अधिकारी न्यायालय के स्थगन आदेश से एक ही स्थान पर जमा हुआ है। इसके चलते जांच प्रभावित हो रही है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सहायक निदेशक उद्यान रामकिशोर मीणा, कृषि अधिकारी उद्यान केके वर्मा, सहायक निदेशक अजयसिंह शेखावत की ओर से लगभग 10 करोड़ अनुदान राशि का दुरुपयोग करते हुए राजकोष को नुकसान पहुंचाया है। इसका खुलासा विभाग के भौतिक सत्यापन से हुआ। जिले में ऐसे कई किसानों को 5 से 15 लाख तक का अनुदान जारी कर दिया गया, जिनके खेतों पर संयंत्र तक नहीं लगे हैं।

 

इन्होंने की कलक्टर को शिकायत

 

हुरडा तहसील के जालमपुरा निवासी गोविन्द जाट ने 40 लाख रुपए लगाकर फार्म पौण्ड बनाया। इसके अनुदान को लेकर विभागीय अधिकारियों ने 29 मई 2018 को भौतिक सत्यापन कराया। उसके बाद भी उसे आज तक विभाग ने अनुदान जारी नहीं किया। गोविन्द ने कलक्टर को ७ जनवरी को शिकायत दर्ज कराई है। इसी प्रकार बनेड़ा के खायड़ा के मानसिंह धानका ने उद्यान विभाग से पौधरौपण सामग्री के लिए आठ माह से आवेदन कर रखा है, लेकिन अधिकारी अनुदान तक नहीं दे पा रहे है।

 

विभाग ने अफसरों की कार्यशैली पर लगाए आरोप


आरोप एक

वर्ष 2014-15, 2015-16 में बून्द-बून्द सिंचाई संयंत्रों के तहत बिन सामग्री के 114 किसानों के खेतों पर संयंत्रों का भौतिक सत्यापन करा डीलरों व कम्पनियों को आर्थिक लाभ पहुंचाया। 5.11 करोड़ का राजकोष को हानि पहुंचाई।


आरोप दो

डीलरों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज की गहनता से जांच नहीं की। जाली दस्तावेज के आधार पर गलत तरीके से 3.37 करोड़ की अनुदान राशि का भुगतान कराकर इनके खातों में राशि जमा करवाकर राजकोष को हानि पहुंचाई।


आरोप तीन

डीलर की ओर से कम्पनियों से ड्रिप सामग्री लिए बिना व किसानों के खेतों पर बिना ड्रिप संयंत्र लगाए व संचालन के अभाव में ही कृषि अधिकारियों ने गलत तरीके से भौतिक सत्यापन करा जाली दस्तावेज से 01.74 करोड़ का डीलरों को लाभ पहुंचाया तथा राजकोष को हानि।


आरोप चार

भौतिक सत्यापन के दौरान स्थानीय कृषि पर्यवेक्षकों को साथ न रख विभागीय निर्देशों की अवहेलना की गई।


आरोप पांच

वर्ष 2014-15, 2015-16 में 11 किसानों की अनुदान पत्रावली में बून्द-बून्द सिंचाई संयत्र स्थापना का प्रमाण पत्र उद्यान विभाग के स्थानीय कार्मिकों से नहीं लेकर अनियमितता छिपाने के उद्देश्य से कार्यालय में स्वयं ही सृजित करवा लिया तथा गलत तरीके से डीलरों को भुगतान करवाकर राजकोष को हानि पहुंचाने में सहयोग किया।
...

विभाग कर रहा कार्रवाई
इस मामले की मुझे पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन विभाग ने दोषी अधिकारी को आरोप पत्र दे दिया है। विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहा है। मोहनलाल यादव, डिप्टी डायरेक्टर उद्यान विभाग जयपुर


आरोप पत्र मिला अब जवाब देंगे

विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। आरोप पत्र मिला है। इसका जवाब देंगे। अभी अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि व उद्यानिकी आ रहे हैं उनकी तैयारी में लगा हूं। रामकिशोर मीणा, सहायक निदेशक उद्यान भीलवाड़ा

 



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