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सूखीधरती ने फेरा लाखों की मेहनत पर पानी

सूखीधरती ने फेरा लाखों की मेहनत पर पानी
-शहर का सबसे बड़ा चम्बल पार्क गुमनामी के साए में
-अस्त-व्यस्त बंजर पड़ा पार्क
-पानी के अभाव में स्थानीय निकाय कर नहीं पा रहा देखवाल
धौलपुर. शहर का सबसे बड़ा चम्बल पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। एक दशक पूर्व कभी शहर का आकर्षण बना चम्बल पार्क आज खुर्द-बुर्द तक हो चुका है। लगातार अनदेखी के प्रश्न पर स्थानीय निकाय के पास तैयार कार्ययोजना तो है लेकिन साथ में अपना तर्क भी है।
थर्मल पावर प्लांट की ओर से करीब एक दशक पूर्व बाड़ी रोड पर तैयार इस पार्क को स्थानीय निकाय को हैंडओवर किया गया। काफी खूबसूरत और बड़े इस पार्क जल्द ही शहरवासियों के लिए आकर्षण का केन्द्र भी हो गया। लेकिन कुछसमय में ही पार्क गुलजार होने के बजाए वीरान हो गया।
टूटी फर्शी, उखड़ पोल
चम्बल पार्क में लगी फर्शियां पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। देखरेकके अभाव में फर्शियां इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं। पार्क में प्रवेशसे लेकर अन्दर तक कमोबेशयही हाल हैं। उधर बिजली के पोल भी पार्क में उखड़े हुए हैं। लाइटें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है।
उजाड़ ही उजाड़
चम्बल पार्क दूर-दूर तक उजाड़ ही उजाड़ ही दिखता है। पार्क में लगी घास पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। पेड़ सूख चुके हैं। पार्क काफी वीरान सा दिखता है।
फव्वारे शांत
पार्क में लगे फव्वारे भी खत्म हो चुके हैं। फव्वारों के चारों ओर जमा पानी भी काई में तब्दील हो चुका है। ऐसे में यहां बदबू तक आती है।
पानी ने बिगाड़ा खेल
दरअसल थर्मल पावर प्लांट ने करीब 2005 में लाखों की लागत से इस पार्कको तैयार कराकर स्थानीय निकाय को सौंप दिया। जिसके बाद देखभाल का जिम्मा स्थानीय निकाय ने ले लिया। लेकिन पार्क को संवारने के लिए जरूरी पानी के लिए पार्क में कोई स्त्रोत नहीं था। अब पार्क को संवारने के लिए आवश्यक पानी का कोईइंतजाम नहीं पाया।
400 फीट तक चले गए
बाड़ी रोड स्थित पहाड़ी इलाके में पार्क के लिए पानी निकालने के लिए स्थानीय निकाय ने 400 फीट तक की बोरिंग भी कराई लेकिन सूखी धरती से पानी नहीं निकल पाया। ऐसे में स्थानीय निकाय को निराशा ही हाथ लगी। उधर पानी के लिए जलदाय विभाग की आपूर्ति लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने से पार्क में पानी ही नहीं पहुंच पाता है।
अब दो करोड़ होंगे खर्च
नगर परिषद की ओर से शहर के विभिन्न पार्कों को सुधारने के लिए करीब 2 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। जिसकी मदद से शहर के सेन्ट्रल पार्क, लीला विहार पार्क, हाऊसिंग बोर्ड व चम्बल पार्क में जीर्णोद्धार किया जाएगा।
उच्च स्तरीय प्रयास होंगे
'पार्क के लिए जरूरी पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। सारे प्रयास फेल हो चुके हैं। पानी के अभाव में पार्क की यह हालत हो चुकी है। जल्द जीर्णोद्धार भी कराएंगे। पानी के लिए उच्च स्तरीय प्रयास होंगे।Ó
शशिकांत शर्मा
आयुक्त, नगर परिषद, धौलपुर



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