‘जनता की सुनवाई प्राथमिकता से होनी चाहिए,फरियादी से टालमटौल वाली नीति नहीं चलेगी’
-श्रीगंगानगर.शिक्षा राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री गोविंद डोटासरा ने कहा कि सरकार से जनता को बहुत बड़ी उम्मीदें है,हर कार्यकर्ता व आम जनता सुनवाई होनी चाहिए,किसी भी फरियादी का काम होने वाला है तो बिना देरी किए तुंरत किया जाए। यदि कोई कार्य नहीं होने वाला है तो इसमें टालमटौल करने की बजाए नम्रता के साथ संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट मना किया जाए। रविवार दोपहर बाद कलक्ट्रेट में हुई जिला स्तरीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मीटिंग में सादुलशहर विधायक जगदीश जांगिड़,श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ व अजय चांडक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह नशा बिक रहा है। विधायक जांगिड़ ने कहा कि सादुलशहर क्षेत्र में 100 से अधिक सटे की दुकानें संचालित की जा रही है। एएसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़ से पूछा कि यह क्या चल रहा है। एएसपी ने कहा कि इस पर अंकुश लगाया जा रहा है।
इस मौका पर जिला कलक्टर शिवप्रसाद नाकाते ने कहा कि मुझे फिलहाल सात दिन हुए हैं यहां पर ज्वाइंन किए हुए। शहर की मुख्य समस्या सीवरेज व बारिश से पहले ड्रैनेज के लिए नाली-चैंबर की सफाई का कार्य प्राथमिकता से करवाया जाएगा। सादुलशहर से श्रीगंगानगर के लिए रोड चौड़ा करने,रेग्यूलेशन में सिंचाई पानी का सही वितरण, महाराजा गंगा सिंह खेल स्टेडियम में सात करोड़ रुपए की लागत से सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। जिले में कृषि कनेक्शन प्राथमिकता से किए जाएंगे। टिब्बा क्षेत्र में पर विशेष फोकस रखा जा रहा है। पौंगबांध की जमीन आवांटन प्रकरण,शहर में पीजी में रहने वाले छात्रों में नशा पर अकुंश लगाने की प्राथमिकता रहेगी।
घोषणा पत्र बना नीति पत्र--उन्होंने कहा कि वार्ड पंच से लेकर हर जनप्रनितिधि का सम्मान के साथ सुनवाई होनी चाहिए। जिला कलक्टर से कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा पत्र को नीति पत्र बनाया है। इसके लिए परिवेदना का तत्काल निस्तारण किया जाए। हर विभाग के प्रभारी अधिकारी को घोषणा पत्र अच्छी तरह से पढ़ाया(रटाया)जाए और शिक्षा व चिकित्सा सहित शहर से जुड़ी समस्या का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई समस्या राज्य स्तर की है मुझे और राज्य सरकार को भिजवाई जाए।
दिखाकर बताता हूं यह नहीं चलेगा--शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोई अधिकारी आगामी मीटिंग में यह नहीं कहना चाहिए कि दिखवा कर बताता हूं,यह नहीं चलेगा। मीटिंग से सात दिन पहले आपको सूचना मिल जाएगी। संबंधित अधिकारी क्षेत्र के विधायक व जनप्रतिनिधि से पहले ही विस्तृत चर्चा कर ली जाए। मीटिंग में संतुष्टजनक जवाब और समाधान चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे खुद पढऩे-लिखने का शौक है और कुछ नया करने का भी। इसके लिए कोई भी अधिकारी मीटिंग में बिना तैयारी के नहीं आना चाहिए। वह अच्छी तैयारी करके ही आए। मीटिंग में कोई अधिकारी नहीं आया, ऐसा नहीं चलेगा,किसी अधिकारी को कोई कार्य है तो उसकी जानकारी जिला कलक्टर को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विजीलेंस में वही प्रकरण दर्ज होने चाहिए,जिसमें नीचे के स्तर पर ठीक निस्तारण नहीं हुआ है। यूं ही आनावश्यक प्रकरण दर्ज नहीं होने चाहिए। बिजली, पानी व कॉलेज से संबंधित अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने की बजाए सप्ताहिक मीटिंग में समस्या का निस्तारण कर लिया जाए।
प्रतिदिन दो घंटे की जाए जनसुनवाई--शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रतिदिन अधिकारी कम से कम दो घंटे जनता की जन सुनवाई की जाए। इसके लिए समय अपने हिसाब से तय किया जाए। मीटिंग में बैठा हूं आदि बहाना नहीं चलेगा। जनता की समस्या तसल्ली से सुनकर निस्तारण किया जाए।
राज्य शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा से सवाल-जवाब
प्रश्न. स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है जबकि शिक्षक विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए हैं?
उत्तर. शिक्षा विभाग से इस संबंध में सूची प्राप्त की जाएगी। इसके बाद जिला कलक्टर से इसकी समीक्षा करवाई जाएगी। कहीं पर यूं ही तो कोई शिक्षक नहीं लगा है यदि कोई कार्य के लिए लगा है तो फिर काम करवाना पड़ता है,लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
प्रश्न. राज्य में भाजपा की सरकार ने बंद किए स्कूलों को क्या फिर से चालू किया जाएगा?
उत्तर. शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में बंद किए गए स्कूलों की समीक्षा की जाए। जहां पर स्कूल की आवश्यकता है वहा पर फिर से स्कूलों को शुरू किया जाएगा।





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