प्रमोद भटनागर
नाथद्वारा. शहर के समीप सालोर-मोगाणा क्षेत्र मेंस्थित श्रीनाथजी मंदिर के बीड़े में रविवार दोपहर के समय भीषण आग लग गई। आग बुझाने के लिए उदयपुर, फतहनगर से भी फायर बिग्रेड यहां पहुंची। शाम सात बजे बाद तक भी आग पर काबू पाने की मशक्कत की जा रही थी। वहीं, आग के दौरान मंदिर मंडल के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, जिन्होनें भी काफी प्रयास किए।
शहर से लगभग १५ किलोमीटर दूर स्थित सालोर एवं मोगाणा के बीच स्थित श्रीनाथजी मंदिर के लगभग १४०० बीघा क्षेत्र में फैले बीड़े में आग लग गई, जिसने कुछ देर में करीब डेढ़ सौ से दो सौ बीघा क्षेत्र में फैलकर विकराल रूप ले लिया। आसपास के ग्रामीणों को पता चलते ही उन्होंने मंदिर मंडल के कार्मिकों को सूचना दी। इस पर स्थानीय नगर पालिका एवं मंदिर मंंडल की फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची, जिन्होंने आग को काबू पाने के प्रयास शुरू किए, परंतु सफलता नहीं मिली। इसके बाद उदयपुर नगर निगम की अग्निशमन को भी बुलाया गया। नगर निगम की दमकल मौके पर पहुंची, परंतु बीड़े में जाने का रास्ता नहीं होने से गाड़ी के तीन टायर पंचर हो गए। वहीं, फायर बिग्रेड से पानी की सप्लाई भी प्रारंभ नहीं हो पाई। इसके बाद फतहनगर से भी फायर ब्रिगेड पहुंची। इसके बाद शाम ७ बजे तक आग पर काबू पाने के प्रयास जारी थे और काफी हद तक काबू पा लिया गया था। इसके बाद एहतियात के तौर पर एक फायर बिग्रेड को वहां पर रात्रि के लिए रखा गया।
इससे पूर्व उदयपुर से यहां पहुंची फायर ब्रिगेड बीड़े में पहुंची, लेकिन मार्ग नहीं होने से जैसे तैसे करके अंदर गई लेकिन आग के पास पहुंचते ही गाड़ी के पहिये पंचर हो गए। ऐसे में उसके चालक ने सूझबुझ दिखाते हुए गाड़ी को आग से बचाने के लिये पंचर हालात में भी बाहर निकाला। इससे गाड़ी सुरक्षित बाहर निकल आई। उधर, आग लगने के बाद सूचना मिलने पर बीड़वान सुभाष गुर्जर, राजस्व विभाग के कैलाश व्यास, दीपक गुर्जर आदि कर्मचारी भी मौके पर पहुंचें एवं उन्होनें अधिकारियों को सूचना दी उसके बाद मंदिर मंडल के मुख्य निष्पादन अधिकारी जितेन्द्र ओझा, उपखंड अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वहीं, स्थानीय पालिका की फायर ब्रिगेड में शामिल फायरमैन मुकेश मेनारिया, विजेश गहलोत आदि कर्मचारी भी पहुंचे। जबकि, उदयपुर से आई गाड़ी में राकेश मेनारिया, किशनलाल बंजारा एवं मोहित आदि कर्मचारी शामिल थे।
उदयपुर की दमकल फैल
उदयपुर नगर निगम से आई फायर ब्रिगेड का पंप सिस्टम जब प्रारंभ किया तो वो पानी नहीं छोड़ पाई। ऐसे में साथ आए फायरमैन आदि ने काफी प्रयास किए ,परंतु पानी प्रारंभ नहीं हुआ, जिससे दमकल का कोई उपयोग नहीं हो पाया। ऐसे में उदयपुर से जानकारी ली गई तो सामने आया कि दमकल का समय पर मेंटेनेंस नहीं हो पाने के कारण यह समस्या आती है।
रास्ता नहीं होने से आई समस्या
मंदिर मंडल के १४ सौ बीघा का इतना लंबा-चौड़ा बीड़ा होने के बावजूद बीड़े के अंदर जाने के लिये कोई व्यवस्थित मार्ग नहीं है। इससे जहां पर आग की भयावह स्थिति बन गई थी, वहां गाडिय़ों को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं इस स्थिति में कंटीली झांडिय़ों आदि के बीच में आने के बावजूद फायर बिग्रेड चालक वाहन को चलाकर ले गए। ऐसे में उदयपुर की गाड़ी के तो तीन टायर पंचर हो गए।





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