अलवर. नाबालिग से दुष्कर्म के दो अलग-अलग प्रकरणों में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा के आदेश दिए हैं।
विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) संख्या-3 राजेन्द्र शर्मा ने नाबालिग बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में लक्की उर्फ लक्खी पुत्र हरदयाल वाल्मिकि को दोषी ठहराकर दस वर्ष का कठोर कारावास व 35 हजार रुपए अर्थदण्ड आदेश सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक योगेन्द्र सिंह खटाणा ने बताया कि मुण्डावर थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने ससुराल में रहे रहे व्यक्ति की नाबालिग पुत्री 9 मई 2014 करे घर से शैम्पू खरीदने की बात कहकर निकली और वापस नहीं लौटी। 13 मई को लडक़ी के पिता ने मुण्डावर थाने में प्रकरण दर्ज कराया। पुलिस ने लडक़ी को पंजाब के भटिण्डा से दस्तयाब कर आरोपी टीकरी (पुन्हाना-हरियाणा) निवासी लक्की उर्फ लक्खी पुत्र हरदयाल वाल्मिकि को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया।
वहीं, विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) संख्या-4 अखिलेश कुमार ने 14 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में विक्की पुत्र रामसिंह कंजर को दोषी ठहराते हुए दस साल का कठोर कारावास व 15 हजार रुपए अर्थदण्ड आदेश सुनाया।
न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक दिलीप जैन ने बताया कि 13 मई 2013 को 14 वर्षीय बालिका को उसका पिता अस्पताल दिखाने ले गया। जहां बाहर खोखे पर अकेली बैठी बालिका को पीपली की ढाणी (मुण्डावर) निवासी विक्की पुत्र रामसिंह कंजर जबरन उसे अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के सम्बन्ध में पीडि़ता के पिता ने मुण्डावर थाने में प्ररकण दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी विक्की को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया था।





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