यदि आपको लगता है कि आपके बच्चे में मिट्टी, पेंसिल, रबर, प्लास्टिक व चप्पल आदि खाने की आदत है तो इन लक्षणों से पहचान सकते हैं :
लक्षण : बच्चे के नाखून का आकार चम्मच जैसा हो, उसमें सीधी रेखाएं दिखें व चमक खत्म हो जाए, बाल कम बढ़ें, बच्चा देर से चलना सीखे, पेट में तकलीफ हो, भूख न लगे तो बच्चा पाइका से पीडित हो सकता है।
ऐसा क्यों : जब प्रेग्नेंसी में मां पोषक तत्व कम लेती है तो बच्चे में उनकी पूर्ति के लिए ये चीजें खाने की इच्छा होती है। यह समस्या 5-6 वर्ष की उम्र तक रहती है। जब बच्चे के शरीर में कमी पूरी हो जाती है तो वह इन चीजों को खाना बंद कर देता है।
आदत भी सुधारें -
पाइका से पीड़ित बच्चे की फैमिली हिस्ट्री जानने के बाद जरूरत के अनुसार उसे एल्यूमिना, कैल्केरिया कार्ब, नाइट्रिक एसिड, कैल्केरिया फॉस जैसी दवाएंं दी जाती हैं। इसके अलावा यह भी जरूरी होता है कि माता-पिता बच्चे की एक्टिविटी पर नजर रखें और उसे ये सब चीजें खाने से रोकें।





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