सिडनी : विदेशी धरती पर इंग्लैंड में मौका मिलने के बाद चाइनामैन वामहस्त गेंदबाज कुलदीप यादव को पहली बार सिडनी की सपाट पिच पर मौका मिला है। जहां लॉडर्स में कुलदीप विफल रहे थे, वहीं सिडनी में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच के तीसरे दिन आस्ट्रेलिया के कुल गिरे 6 विकेट में से 3 अपने नाम किए। आस्ट्रेलिया ने दिन का अंत छह विकेट के नुकसान पर 236 रनों के साथ किया। भारत ने अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 622 रनों पर घोषित कर दी थी। अपने इस प्रदर्शन पर बात करते हुए कुलदीप ने दिन का खेल खत्म होने पर शनिवार को कहा कि उन्होंने लॉडर्स टेस्ट मैच के बाद अपनी गेंदबाजी पर काफी काम किया है।
कहा- आपको हर दिन सीखना होता है
कुलदीप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई बार जब बल्लेबाज आपको पढ़ लेता है तो काफी मुश्किल होती है। यही क्रिकेट की खूबसूरती है। आपको यहां हर दिन कुछ न कुछ सीखना होता है। मैं भी सीख रहा हूं। उन्होंने कहा कि उनके लिए इंग्लैंड का दौरा काफी चुनौतीपूर्ण रहा था। जब वह लॉर्ड्स टेस्ट मैच खेले, उसके बाद अपनी गेंदबाजी पर कोच के साथ काफी मेहनत की। किसी भी स्पिनर के लिए यह जरूरी है कि वह बुनियादी चीजों पर टिका रहे और बेसिक्स पर चलता रहे।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ ही किया था डेब्यू
बता दें कि कुलदीप ने धर्मशाला में आस्ट्रेलिया के खिलाफ ही टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और उस मैच में भी चार विकेट लेकर आस्ट्रेलिया को संकट में डाल दिया था। कुलदीप ने कहा कि उन्होंने अच्छी जानकारी लेने के लिए काफी क्रिकेट खेली है। टेस्ट क्रिकेट में सुधार करने के लिए उन्हें अभी बहुत काम करना होगा। आप लाल गेंद से जितना खेलेंगे उतना ही सीखेंगे।
हम उम्र खिलाड़ियों से हैं सीखते
कुलदीप ने कहा कि वह टीम के सीनियर खिलाड़ियों से तो सीखते ही हैं, साथ में हम उम्र प्लेयर्स भी काफी कुछ बताते रहते हैं। विराट हैं तो रिषभ भी मुझे कई चीजें बताता है। कोई भी विकेटकीपर आपको बहुत कुछ बता सकता है। वनडे में यह आसान रहता है क्योंकि आप वहां लगातार खेल रहे हो और धोनी भी वहां हैं। उन्होंने काफी क्रिकेट खेली है और वह आपको लगातार सिखाते रहते हैं।





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