राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत चिकित्सकों ने किया विरोध
-काली पट्टी बांध कर किया काम, तीन प्रस्तावित बिलों का किया विरोध
श्रीगंगानगर. देश में चिकित्सा सेवाओं से संबंधित केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित तीन बिलों का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को श्रीगंगानगर में चिकित्सकों ने विरोध किया। विरोध स्वरूप चिकित्सकों ने कालीपट्टी बांधकर काम किया।
आइएमए के सचिव डॉ.मुकेश मेहता ने बताया कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल2018, नेशनल मेडिकल कमीशन बिल 2017,मेडिकल कौंसिल(संशोधन) बिल-2018 प्रस्तावित है। डॉ.मेहता ने कहा कि यह तीनों बिल अव्यवहारिक हैं। इनके लागू होने से छोटे और मध्यम आकार के सस्ते और जन साधारण के लिए आसानी से सुलभ अस्पतालों व क्लिनिकों का अस्तित्व नहीं रह पाएगा। जिससे स्वाभाविक रूप से कॉरपोरेट अस्पतालों की महंगी चिकित्सा सेवाओं का व्यय वहन करना आम व्यक्ति के लिए मुश्किल हो जाएगा। विशेष रूप से इमरजेंसी चिकित्सीय सेवाओं में पहले से ही अत्यधिक दबाव झेल रहा देश का मेडिकल सिस्टम और अधिक चरमरा जाएगा।।
नए तीनों बिलों के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन नई दिल्ली मुख्यालय के आह्वान पर अखिल भारतीय विरोध दिवस के तहत पूरे जिले के राजकीय व निजी क्षेत्र में कार्यरत सभी चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर सेवाएं दी। आइएमए अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र भूतना, उपाध्यक्ष डॉ.पीयूश राजवंशी, डॉ.मोहित नागपाल, डॉ.नीरज मित्तल,डॉ.धर्मेश गर्ग, डॉ.धर्मवीर गुप्ता सहित डॉक्टर्स ने कहा कि अगर चिकित्सकों के प्रति अन्यायपूर्ण व दमनकारी नीतियों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय स्तर पर आन्दोलन को तेज किया जाएगा।





No comments:
Post a Comment