बांदीकुई. मण्डावर-बांदीकुई सड़क मार्ग पर सुधारनपाड़ा के समीप रविवार सुबह कुछ बाइक सवार लोगों ने रोडवेज बस के चालक व परिचालक के साथ पिटाई कर दी। इससे बस में बैठी सवारियों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में सवारियों ने बीच बचाव कराया और चालक-परिचालक बस को लेकर बांदीकुई थाने पहुंचे। जहां आपबीती सुनाते हुए आरोपियों के खिलाफ बस को क्षतिग्रस्त करने एवं राजकार्य में बाधा पहुंचाने सहित मारपीट का मामला दर्ज कराया।
दौसा के लिए बस में बैठी सवारियों को बांदीकुई से दूसरी रोडवेज में बैठाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। इसके बाद वापस रोडवेज बस को समय अधिक लग जाने के कारण बांदीकुई से मण्डावर के बीच संचालन करना पड़ा। पुलिस के अनुसार चालक हरिओम मीणा व परिचालक शिम्भूदयाल गुर्जर ने संयुक्त रूप से मामला दर्ज कराया कि दौसा आगार की बस में सवारियां लेकर सुबह मण्डावर से बांदीकुई आ रहा था कि सुधारनपाड़ा के समीप सुबह करीब सवा 10 बजे बस के पीछे से दो बाइक बिना नम्बर की पर सवार होकर कुछ युवक आए और बाइकों को बस के आगे लगा दिया। इसके बाद बाइक से उतरकर रामोतार मीणा ने बोतल एवं सोनू मीणा ने लकड़ी से बस के शीशे पर मारा। इससे शीश क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आरोपियों ने ड्राइवर साइड की खिड़की खोलकर चालक हरिओम को नीचे पटक कर मारपीट करने लग गए और बस की लॉग शीट फाड़ दी।
जबकि दूसरी बाइक पर सवार सकट निवासी अनिल कुमार व विमला देवी ने परिचालक शिम्भूदयाल गुर्जर को भी बस से खींचकर मारपीट की और दोबार इस रूट पर होकर बस लाने पर जान से मारने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि उक्त लोगों ने सुधारनपाड़ा के समीप बस को बैठने के लिए रुकवाया, लेकिन यहां ठहराव नहीं होने से बस को नहीं रोका गया। जो कि बाइक सवार लोगों को नागवार गुजरा और बस के आगे बाइक लगाकर मारपीट करना शुरू कर दिया। हालांकि चालक-परिचालक का कहना है कि रोडवेज डिपो की ओर से जिन जगहों पर ठहराव है। वहां बस का ठहराव कर यात्रियों को बैठाते हैं, लेकिन कुछ लोग बेवजह विवाद करने पर उतारू रहते हैं। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
स्कूल भवन की छत पर चढ़े सांड को तीन दिन बाद भी नहीं उतारा
सिकंदरा. ब्राह्मण बैराड़ा गांव में स्कूल भवन की छत पर चढ़े सांड को तीन बाद भी प्रशासन ने नहीं उतारा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी, लेकिन तीन दिन बाद भवन की छत से सांड को नहीं उतारा। इससे ग्रामीणों में रोष बना है। जानकारी के अनुसार तीन दिन पूर्व गंाव में स्कूल के पुराने के उपर एक आवारा सांड चढ़ गया। ग्रामीणों ने निजी प्रयासों से सांड को छत उतारने की कोशिश की, लेकिन सांड को छत से नीचे नहीं उतार पाए। ग्रामीणों ने पटवारी, सरपंच व सचिव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर आने की जहमत तक नहीं उठाई। सिकंदरा थाने से कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन वे भी बिना संसाधन के बैरंग लौट आए। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन से सांड स्कूल भवन की छत पर घूम रहा है।





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