-सीडीपीओ कार्यालय में बदबू से हाल बेहाल
सूरतगढ़. महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में एक माह पूर्व हुई आगजनी की घटना की जांच के प्रति विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं है। सीडीपीओ की ओर से प्रेषित पत्र के बावजूद अभी तक उपनिदेशक की ओर से इस मामले की जांच के लिए अभी तक किसी तरह की कमेटी गठित नहीं की गई है। इसके विपरीत सीडीपीओ कार्यालय में आगजनी से जले हुए कागजात की वजह से आ रही बदबू से स्टाफ कर्मियों व नागरिकों को परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार गत वर्ष दस दिसम्बर को अलसुबह करीब चार बजे बीकानेर रोड़ पर स्थित महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के स्टोर रूम में आग लगी थी। आग लगने की सूचना मिलने पर सिटी पुलिस एवं दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घण्टे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट बताया गया था।
जांच के लिए की थी कमेटी की सिफारिश
सीडीपीओ के स्टोर रूम में विभाग के आवश्यक दस्तावेज सहित योजना संबंधित सामान रखा हुआ था। जो अभी भी अधजली हालत में जस का तस पड़ा है। जबकि आगजनी की घटना के बाद सीडीपीओ मुकेश तिवाड़ी ने 12 दिसम्बर को समेकित बाल विकास सेवाएं के उपनिदेशक को पत्र प्रेषित कर आगजनी से नष्ट हुई कार्यालय रिकार्ड व सामान के आंकलन के लिए कमेटी गठित करने की मांग की गई। आगजनी की घटना के एक माह बीतने के बावजूद अभी तक जिला मुख्यालय से कोई अधिकारी मामले की जांच के लिए नहीं आया और ना ही किसी तरह की जांच कमेटी का गठन हो सका है।
जले हुए सामान से आ रही है बदबू
सीडीपीओ कार्यालय में आगजनी की घटना के बाद से ही स्टोर रूम से जले हुए सामान से बदबू आ रही है। सीडीपीओ कार्यालय के साथ में बने स्टोर रूम से अभी तक जला हुआ सामान को बाहर नहीं निकाला गया है। इस वजह से अंदर गीले कागजात की बदबू रूक-रूक कर बाहर आ रही है। इससे स्टाफ कर्मियों के साथ साथ बाहर से आने वाले नागरिकों को भी परेशानी हो रही है।
करवाया जा चुका है अवगत
कार्यालय में हुई आगजनी की घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। अभी तक यहां कोई कमेटी नहीं आई है। -मुकेश तिवाड़ी, सीडीपीओ, सूरतगढ़





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