अलवर जिले के बहरोड़ में चिकित्सा विभाग के दल ने शनिवार सुबह पुलिस के साथ मिलकर एक फर्जी चिकित्सक को पकड़ा है। चिकित्सक का नाम राजेश मेहता है। दल ने फर्जी चिकित्सक को जांच के नाम पर एक कंप्यूटर डिवाइस पर जांच के नाम पर अंगूठा लगवाकर मरीजों को इलाज का झांसा देकर ठगते के आरोप में पकडकऱ पुलिस को रिपोर्ट दी। राजकीय रैफरल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आदर्श अग्रवाल ने बताया कि कस्बे में एक फर्जी क्लीनिक चलाने की शिकायत पर बीसीएमएचओ और अस्पताल प्रभारी के निर्देश पर चिकित्सकों की तीन टीमों का गठन किया गया।
टीम ने पुलिस के साथ मिलकर कस्बे के मानपुरा मोहल्ले में ऑल हील आपके लिए चिकित्सालय में छापा मारा, जहां एक युवक राजेश मेहता मरीजों का उपचार करता मिला। उससे डिग्री मांगने पर उसके पास डिग्री नहीं मिली। फर्जी चिकित्सक क्लीनिक में मरीजों से जांच के नाम पर पैसे वसूलता था। कार्रवाई दल चिकित्सक के पास पहुंचा तो वह उल्टा चिकित्सकों को देख लेने की धमकी देने लगा।
अंगूठा लगाकर ठग रहे थे
फर्जी क्लीनिक में चिकित्सक कंप्यूटर की एक डिवाइस पर मरीजों से अंगूठा लगवाकर उन्हें ठग रहा था, जबकि अंगूठा लगाने से शरीर की किसी तरह की बीमारी की कोई जांच नहीं होती। यहां पर मरीजों को नि:शुल्क इलाज बताकर जांच के नाम पर मरीजों से 650 रुपए और दवा के नाम पर 300 रुपए वसूले जा रहे थे, जानकारी के अनुसार यहां करीब 250 मरीजों से पैसे वसूले गए थे।
हर रोग के इलाज का दावा
मरीजों ने बताया कि उनको यहां पर हर प्रकार के रोग के इलाज का दावा कर ठगा जा रहा था, जिसमें स्प्रे कर इलाज करने का दावा किया जा रहा था। फर्जी चिकित्सक मरीजों को उपचार के नाम पर करीब ढाई माह से ठग रहा था।
पुलिस को साथ लेकर फर्जी क्लीनिक चलने की शिकायत पर छापा मारा गया, वहां पर चिकित्सक के पास उपचार करने के लिए किसी तरह की कोई डिग्री व कागजात नहीं मिले। वह मरीजों को मशीन पर अंगूठा लगाकर और इलाज के नाम पर स्प्रे कर मरीजों से ठगी कर रहा था, जिसकी रिपोर्ट पुलिस को दी गई है।
डॉ. आदर्श अग्रवाल, चिकित्सक, बहरोड़
चिकित्सकों के दल ने फर्जी चिकित्सक के मामले में सहयोग मांगा था, इस मामले में एक जने को थाने लाए हैं, मामले की जांच की जा रही है, इसके बाद रिपोर्ट दर्ज व कार्रवाई होगी।
वीरेन्द्र यादव, थाना प्रभारी, बहरोड़





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